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Washington/Tehran : ईरान के ड्रोन व मिसाइल ठिकानों पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले, ईरान ने किया जवाबी कार्रवाई का दावा

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Washington/Tehran: US launches rapid-fire strikes on Iranian drone and missile sites; Iran claims retaliatory action

वाशिंगटन/तेहरान : (Washington/Tehran) अमेरिका और ईरान (US and Iran) के बीच 18 जून को हुआ शांति समझौता दस दिन भी नहीं टिक पाया और एकबार फिर दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ नये हमले के दावे करते हुए धमकियां दे रहे हैं। अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर ताबड़तोड़ हमले करते हुए मिसाइल एवं ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (President Donald Trump) ने ईरान को सीजफायर तोड़ने का जिम्मेदार बताते हुए इसे अमेरिका की जवाबी कार्रवाई बताया। जबकि ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) (Iranian Revolutionary Guard Corps) ने दावा किया है कि ईरानी तटों पर अमेरिकी हमलों के जवाब में उसकी नौसेना ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सीईएनटीसीओएम) (US Central Command) के मुताबिक ईरान ने 25 जून को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर ड्रोन हमला किया था। सीईएनटीसीओएम ने इसे सीज़फायर उल्लंघन’ बताते हुए शुक्रवार को ईरान के मिसाइल एवं ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स पर ताबड़तोड़ हमले किए। सीईएनटीसीओएम की तरफ से इस हमले की फुटेज जारी करते हुए ब्यौरा दिया गया है।

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस (US Vice President JD Vance) ने एक्स पर सीईएनटीसीओएम का बयान साझा करते हुए कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा। वेंस ने लिखा, “ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, हमने उसका पालन किया। अगर उन्हें इस समझौते के लागू होने पर कोई आपत्ति है, तो वे फ़ोन कर सकते हैंस, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।”

इससे पहले व्हाइट हाउस में शुक्रवार दोपहर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वे यह नहीं बताएंगे कि अमेरिका ड्रोन हमले का कैसे जवाब देगा या सीज़फ़ायर को अब भी मानता है या नहीं लेकिन उन्होंने कल हमला किया, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। ईरान ने दावा किया कि कार्गो शिप पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि वो होर्मुज जलडमरूमध्य के उस रास्ते से जा रहा था जिसे ईरान ने अधिकृत नहीं किया है।

मीडिया संस्थान ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक ईरानी संसद की नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी कमेटी के चेयरमैन इब्राहिम अज़ीज़ी (Ebrahim Azizi) ने अमेरिका पर बातचीत और सीज़फायर, दोनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कहा कि बातचीत के दौरान वॉशिंगटन ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया। अमेरिका ने बातचीत के बीच एक बार फिर ईरान पर हमला किया। उन्होंने कहा कि हमेशा की तरह सीज़फायर का यह खुला उल्लंघन उनके पीछे हटने और पछतावे पर खत्म होगा।

उनका ये बयान आईआरजीसी के उस दावे के बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि उसने इलाके में अमेरिकी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया है। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा वादों के उल्लंघन के जवाब में की गई थी। हालांकि उसकी तरफ से इस हमले का ब्यौरा नहीं दिया गया है।