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New Delhi : जीआई टैग वाले रीवा सुंदरजा आम की पहली व्यावसायिक खेप भेजी गई यूएई

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New Delhi: First commercial consignment of GI-tagged Rewa Sundarja mangoes shipped to UAE

नई दिल्ली : (New Delhi) मध्य प्रदेश के जीआई-टैग प्राप्त प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम (GI-tagged Rewa Sundarja mangoes from Madhya Pradesh) की पहली व्यावसायिक खेप संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को भेजी गई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) ने इस निर्यात को सुगम बनाया है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने शनिवार को एक बयान में बताया कि एक मीट्रिक टन प्रीमियम गुणवत्ता वाले जीआई टैग प्राप्त प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आम यूएई को निर्यात किया गया है। इसके साथ ही आमों का पहला व्यावसायिक निर्यात संयुक्त अरब अमीरात के लिए शुरू हो गया है।

मंत्रालय ने कहा कि जीआई-टैग वाले प्रसिद्ध रीवा सुंदरजा आमों की एक मीट्रिक टन की पहली कमर्शियल खेप 26 जून को मेसर्स सॉल्ट रेंज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s Salt Range Foods Private Limited) के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेजी गई। यह खास खेप रीवा सुंदरजा आम की अंतरराष्ट्रीय यात्रा की शुरुआत है, उम्मीद है कि इससे आने वाले सीज़न में नियमित निर्यात का रास्ता खुलेगा।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि इस व्यावसायिक निर्यात से रीवा इलाके के आम उत्पादकों को काफी आर्थिक फ़ायदा होने की उम्मीद है। जहां स्थानीय बाजार में रीवा के सुंदरजा आम की मौजूदा कीमत लगभग 100 से 110 रुपये प्रति किलोग्राम है। इसको एक्सपोर्टर ने इसे 150 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव से खरीदा। इस तरह 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम का यह अतिरिक्त फ़ायदा सीधे किसानों को मिलता है, जो उत्पादकों को एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड वैल्यू चेन (export-oriented value chain) से जोड़ने के आर्थिक लाभ को दिखाता है।

मंत्रालय ने कहा कि इस पहल से रीवा के किसानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच मिलेगी, जिससे रीवा के आम उत्पादकों को लाभ मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय बाजार (international market) में भारत के विशिष्ट कृषि उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।

मंत्रालय ने कहा कि ग्लोबल मार्केट में भारत के खास कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक अहम कदम है। इस सफल एक्सपोर्ट ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्षेत्र-विशेष के कृषि उत्पादों की अलग पहचान बनाने में जियोग्राफिकल इंडिकेशन (Geographical Indication) (जीआई) रजिस्ट्रेशन के महत्व को उजागर किया।