
नई दिल्ली : (New Delhi) सोने का कारोबार करने वाली कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स (Rajesh Exports) पर सेबी की कार्रवाई के बाद एलआईसी को सबसे बड़ा झटका लगा है। सेबी का आरोप है कि इस कंपनी ने फर्जी तरीके से 15.15 लाख करोड़ रुपये का राजस्व दिखाया है। राजेश एक्सपोर्ट्स में भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India) की बड़ी हिस्सेदारी है। मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, एलआईसी के पास कुल 10.8 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। राजेश एक्सपोर्ट्स का शुक्रवार को बाजार पूंजीकरण करीब तीन हजार करोड़ रहा। ऐसे में एलआईसी की कुल हिस्सेदारी 10.80 फीसदी के हिसाब से करीब 300 करोड़ रुपये फंस गए हैं। वहीं, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) (Foreign Portfolio Investors) के पास 14.19 प्रतिशत, रिटेल निवेशक के पास 14.55 प्रतिशत, एनआरआई और अन्य निवेशक के पास 4.81 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। बाकी 54.55 प्रतिशत हिस्सेदारी कंपनी के मालिकों के पास है।


