
धीरज सिंह
मुंबई : (Mumbai) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Chief Minister Devendra Fadnavis) ने बेस्ट के सर्वांगीण पुनर्विकास के लिए महत्वाकांक्षी योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। वर्षा निवास (‘Varsha’) पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित योजना में नागरिकों का हित, कर्मचारियों का कल्याण और मुंबई के दीर्घकालीन विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
जमीन नहीं बिकेगी, बेस्ट के पास रहेगा स्वामित्व
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बेस्ट की भूमि किसी भी स्थिति में बेची नहीं जाएगी। पुनर्विकास कार्य सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) और दीर्घकालीन पट्टा मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। भूमि का स्वामित्व बेस्ट के पास ही रहेगा और वित्तीय भागीदारों की मदद से डिपो परिसरों का विकास किया जाएगा।
डिपो परिसरों में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
योजना के तहत बस डिपो परिसरों में संग्रहालय, खेल सुविधाएं, सांस्कृतिक केंद्र और मराठी फिल्मों के लिए विशेष सिनेमाघर विकसित (museums, sports facilities, cultural centers, and dedicated cinema halls for Marathi films) किए जाएंगे। साथ ही बेस्ट कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
22 बस डिपो का होगा कायाकल्प
मुंबई के 132 एकड़ क्षेत्र में फैले 22 बस डिपो (Twenty-two bus depots) का विकास विश्वस्तरीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसके तहत नई बसें, विद्युत वाहन चार्जिंग केंद्र, व्यावसायिक परिसर और सार्वजनिक पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
चेक नाके बनेंगे परिवहन केंद्र
दहिसर, मानखुर्द, मुलुंड और ऐरोली (Dahisar, Mankhurd, Mulund, and Airoli) के चेक नाकों को बड़े परिवहन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे शहर में यातायात का दबाव कम करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।


