
मुंबई विश्वविद्यालय में नाट्यकला विषय की पहली पीएचडी
मुंबई : (Mumbai) मुंबई विश्वविद्यालय (University of Mumbai) के इतिहास में पहली बार नाट्यकला विषय में पीएचडी प्रदान की गई है। डॉ. सोनामणि जयंत (Dr. Sonamani Jayant) ने ‘इमोशन इन एक्टिंग’ (Emotion in Acting) विषय पर शोध कर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इसे विश्वविद्यालय की अकैडमी ऑफ थिएटर आर्ट्स की शैक्षणिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। डॉ. सोनामणि जयंत (Dr. Mangesh Bansod) ने अपना शोधकार्य अकैडमी ऑफ थिएटर आर्ट्स के प्राध्यापक एवं मान्यता प्राप्त शोध मार्गदर्शक डॉ. मंगेश बनसोड के निर्देशन में पूरा किया। खास बात यह है कि नाट्यकला विषय में शोध मार्गदर्शक के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाले डॉ. मंगेश बनसोड मुंबई विश्वविद्यालय के पहले गाइड बने हैं। शोध की अंतिम वायवा-वोसे परीक्षा मुंबई विश्वविद्यालय लोककला अकादमी के प्रमुख डॉ. गणेश चंदनशिवे (Dr. Ganesh Chandanshive) की अध्यक्षता में आयोजित की गई। वहीं महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. सतीश पावडे ने बाह्य परीक्षक की भूमिका निभाई।
रंगमंच अध्ययन को मिलेगा नया आयाम
मुंबई को देश की व्यावसायिक रंगमंच राजधानी माना जाता है। ऐसे में विश्वविद्यालय स्तर पर नाट्यकला विषय में शोध को मिली यह नई पहचान भविष्य में थिएटर अध्ययन और शोध कार्यों को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। मुंबई विश्वविद्यालय की नाट्यकला अकादमी के संचालक योगेश सोमण ने डॉ. सोनामणि जयंत और उनके शोध मार्गदर्शक डॉ. मंगेश बनसोड को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। डॉ. सोनामणि जयंत मूल रूप से चंद्रपुर की (resident of Chandrapur) निवासी हैं। वह प्रसिद्ध फिल्म कलाकार जयंत गाड़कर (film artist Jayant Gadkar) की पत्नी हैं और वर्तमान में मुंबई में कार्यरत हैं।


