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Mumbai: टीएमसी शाला में ‘मासिक महोत्सव ‘ पर जागरूकता सत्र

Mumbai: Awareness Session on 'Menstrual Festival' at TMC School

मुंबई : (Mumbai) वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल डे (World Menstrual Hygiene Day) के मौके पर, ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Thane Municipal Corporation) शेल्टर एसोसिएट्स और म्यूज़ फाउंडेशन ने मिलकर राजे शिवाजी स्कूल, लोकमान्य नगर में “मासिक महोत्सव” (“Menstrual Festival”) ऑर्गनाइज़ किया। यह इनिशिएटिव समाज में मेंस्ट्रुअल्स को लेकर फैले अंधविश्वास, गलतफहमियों और शर्म को दूर करके महिलाओं और पुरुषों में सही अवेयरनेस लाने के मकसद से किया गया था।

इस प्रोग्राम को ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन हेल्थ ऑफिसर डॉ. रानी शिंदे, हाउस लीडर और लोकल कॉर्पोरेटर हनुमंत जगदाले, महात्मा फुले एजुकेशन सोसाइटी के जयंत घाडगे (Health Officer Dr. Rani Shinde, House Leader and local Corporator Hanumant Jagdale, and Jayant Ghadge) ने गाइड किया।

शेल्टर एसोसिएट्स पिछले कई सालों से ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Thane Municipal Corporation) की झुग्गियों में “वन टॉयलेट” प्रोजेक्ट और अलग-अलग सफ़ाई कैंपेन चला रहा है। इसी के तहत, गुरुवार (28 मई 2026) को वर्ल्ड मेंस्ट्रुअल डे के मौके पर एक खास प्रोग्राम रखा गया।

इस प्रोग्राम में गाने, लेक्चर, सवाल-जवाब, गेम और पीरियड्स पर एक्सपर्ट गाइडेंस जैसी अलग-अलग एक्टिविटीज़ के ज़रिए मौजूद लोगों में जागरूकता पैदा की गई। प्रोग्राम की शुरुआत में, सीनियर एनवायरनमेंटल एक्सपर्ट विजयकुमार कट्टी ने पीरियड्स को लेकर समाज में फैले अंधविश्वास और गलतफहमियों पर गाइड किया। उन्होंने यूज़ एंड थ्रो सैनिटरी पैड्स के एनवायरनमेंट पर पड़ने वाले बुरे असर के बारे में बताया और इको-फ्रेंडली ऑप्शन (eco-friendly alternatives) इस्तेमाल करने की अपील की।

साथ ही, एक सवाल-जवाब सेशन के ज़रिए, मौजूद महिलाओं और पुरुषों के मन में चल रहे शक और गलतफहमियों को दूर किया गया। शेल्टर एसोसिएट्स के प्रोजेक्ट मैनेजर अमोल गाडे (Amol Gade) ने ऑर्गनाइज़ेशन के मेंस्ट्रुअल हाइजीन प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ठाणे की अलग-अलग बस्तियों की लगभग 2000 महिलाओं ने मेंस्ट्रुअल कप इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। इससे सैनिटरी नैपकिन से होने वाला वेस्ट कम हुआ है और महिलाओं की हेल्थ को बेहतर बनाने के साथ-साथ पैसे बचाने में भी मदद मिली है।

अमोल गाडे ने कहा, “पीरियड्स छिपाने की बात नहीं है, बल्कि इस पर खुलकर बात करना और इसका सही ख्याल रखना ज़रूरी है।” म्यूज़ फ़ाउंडेशन के निशांत बंगेरा (Nishant Bangera) ने भी प्रोग्राम की अहमियत बताई और पार्टिसिपेंट्स को बधाई दी।

इस मौके पर ऑर्गनाइज़ेशन के वैभव काले, सुनीता सकुंडे, योगिता शिंदे, मनीषा सुर्वे और पूजा भालेराव मौजूद थे। वर्ल्ड मेंस्ट्रुएशन डे के मौके पर हुए “मासिक महोत्सव” में लोकमान्य नगर इलाके की महिलाओं और पुरुषों ने अपनी मर्ज़ी से हिस्सा लिया।

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