
पटना : (Patna) बिहार सरकार (Bihar government) ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जल्द एआई पॉलिसी (new AI policy) लाने की घोषणा की है। शनिवार को ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित ‘बिहार एआई समिट-2026 (’’Bihar AI Summit-2026,’ held on Saturday at Urja Stadium) के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Chaudhary) ने कहा कि एआई शासन, शिक्षा, पुलिसिंग और योजनाओं के क्रियान्वयन का अहम आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि देश में करीब 120 करोड़ मोबाइल उपभोक्ताओं के बीच संचार क्रांति के दौर में एआई विकास की नई ताकत बनकर उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित शासन व्यवस्था से योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। पंचायत स्तर पर चल रहे सहयोग शिविरों और सहयोग पोर्टल (‘Sahyog Shivirs’ ‘Sahyog Portal’) में एआई का उपयोग कर शिकायतों के त्वरित निपटारे की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी आवेदन पर 30 दिन तक कार्रवाई नहीं होने पर 31वें दिन संबंधित अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय कार्रवाई करेगा।
534 प्रखंडों को मॉडल स्कूल की सौगात
राज्य में शिक्षा ढांचे के विस्तार की भी घोषणा की गई। सरकार सभी 534 प्रखंडों में मॉडल स्कूल (534 administrative blocks of the state) खोलेगी। पटना में 10 तथा गया, भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, बिहारशरीफ, मोतिहारी, हाजीपुर और छपरा समेत नगर निगम वाले जिलों में 5-5 मॉडल स्कूल स्थापित किए जाएंगे। छोटे जिलों में भी 3 से 4 मॉडल स्कूल खोले जाएंगे, जबकि जुलाई से 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू करने की योजना है।
PPP मॉडल पर बनेगा गंगा एक्सप्रेसवे
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से 125 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण अगले तीन वर्षों में पीपीपी मॉडल पर पूरा किया जाएगा। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए केंद्र के सहयोग से 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विस्तार के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति जरूरी है।
पुलिसिंग में AI का होगा इस्तेमाल
सम्राट चौधरी ने बिहार के प्रवासी युवाओं से राज्य के विकास में भागीदारी बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार सृजन बढ़ाकर पलायन रोकने की दिशा में काम कर रही है। पुलिसिंग में भी एआई का उपयोग बढ़ाया जाएगा और अपराधियों के खिलाफ 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम में डीसीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव, आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा, विभागीय सचिव अभय कुमार सिंह, भारत जीपीटी के संस्थापक अंकुश अग्रवाल, क्यूएलएसएस के निखिल समेत कई नीति विशेषज्ञ, इनोवेटर और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


