
नई दिल्ली : (New Delhi) गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन सौदा के मामले में ट्रायल कोर्ट से समन जारी करने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका रॉबर्ट वाड्रा ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) से वापस ले ली है। इस मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 16 मई को रॉबर्ट वाड्रा को जमानत (bail to Robert Vadra) दी थी।
उच्च न्यायालय ने 14 मई को समन जारी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) (ED) के वकील जोहेब हुसैन ने कहा था कि वाड्रा ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका में झूठी दलीलें दी हैं। हुसैन की इस सूचना के बाद कोर्ट ने वाड्रा से इस मामले पर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने वाड्रा के खिलाफ जारी समन पर रोक लगने से इनकार करते हुए उन्हें 16 मई को ट्रायल कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया था।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 15 अप्रैल को मनी लांड्रिंग मामले (Rouse Avenue Court) में रॉबर्ट वाड्रा को बतौर आरोपित समन जारी करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने वाड्रा के अलावा सत्यानंद याजी, केवल सिंह विर्क, मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राईवेट लिमिटेड, मेसर्स स्काई लाइट रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स स्काई लाइट रियल अर्थ इस्टेट्स प्राईवेट लिमिटेड, मेसर्स ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स आर्टेक्स, मेसर्स नॉर्थ इंडिया आईटी पार्क्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स लंबोदर आर्ड एंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एसजीवाई प्रोपर्टीज प्राईवेट लिमिटेड समन जारी करने का आदेश दिया था।
राऊज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) ने ईडी की ओर से पेश चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपितों को समन जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट ने सभी आरोपितों के खिलाफ मनी लाऊंड्रिंग कानून की धारा 3 और 4 के तहत आरोपों पर संज्ञान लिया। कोर्ट ने 4 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने कहा था कि उसके खिलाफ मनी लाऊंड्रिंग (case of money laundering) का कोई मामला नहीं बनता है। रॉबर्ट वाड्रा की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर कोर्ट को संज्ञान नहीं लेना चाहिए।
कोर्ट ने 2 अगस्त, 2025 को वाड्रा समेत सभी आरोपितों को समन जारी किया था। 17 जुलाई, 2025 को ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के शिकोहपुर भूमि से जुड़े मनी लाऊंड्रिंग के मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें वाड्रा और 10 अन्य लोगों के नाम हैं। उनकी कंपनी, मेसर्स स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड (M/s Skylight Hospitality Private Limited) का नाम भी शामिल है। ईडी ने रॉबर्ट वाड्रा और उनकी कंपनी की 37.64 करोड़ की 43 संपत्तियों को मनी लांड्रिंग के मामले में जब्त किया है।
इस मामले की शुरुआत 2008 में हुई थी। गुरुग्राम के शिकोहपुर में जमीन का सौदा हुआ था। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने साढ़े तीन एकड़ जमीन मात्र साढ़े सात करोड़ रुपये में खरीदी थी। वाड्रा इस कंपनी में डायरेक्टर थे। यह जमीन ओंकारेश्वर प्रोपर्टीज से खरीदी गई थी। इस जमीन का मालिकाना हक सिर्फ 24 घंटे में ही वाड्रा की कंपनी के नाम पर हो गया। स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी (Skylight Hospitality) ने 2012 में वही जमीन डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेच दी। इससे कंपनी को बहुत ज्यादा मुनाफा हुआ। इस मामले में 2018 में एक एफआईआर दर्ज की गई थी।


