
शंघाई : (Shanghai) भारत के युवा तीरंदाज साहिल जाधव (India’s young archer, Sahil Jadhav) ने तीरंदाजी विश्व कप 2026 के स्टेज-2 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष व्यक्तिगत कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। शनिवार को खेले गए तीसरे स्थान के मुकाबले में साहिल ने डेनमार्क के अनुभवी तीरंदाज मार्टिन डैम्सबो (Martin Damsbo) को 147-144 से हराया।
विश्व विश्वविद्यालय खेलों के स्वर्ण पदक विजेता साहिल जाधव (Sahil Jadhav) ने इस जीत के साथ प्रतियोगिता में भारत का पहला पदक दिलाया। महाराष्ट्र के 25 वर्षीय तीरंदाज ने मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए दमदार प्रदर्शन किया। मुकाबले की शुरुआत में साहिल पहले एंड के बाद 29-30 से पीछे थे।
हालांकि दूसरे एंड में डैम्सबो ने तीन बार 9 का स्कोर किया, जबकि साहिल ने परफेक्ट स्कोर बनाकर दो अंकों की बढ़त हासिल कर ली। तीसरे एंड तक भारतीय तीरंदाज ने अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। अंतिम एंड में डैम्सबो ने तीनों बार 10 अंक हासिल किए, लेकिन साहिल का 29 का स्कोर उन्हें पदक दिलाने के लिए काफी रहा।
पूरे मुकाबले में साहिल ने 12 बार 10 अंक लगाए, जिनमें 6 इनर-10 (एक्स) शामिल रहे। इससे पहले सेमीफाइनल में साहिल जाधव को मौजूदा विश्व चैंपियन फ्रांस के निकोलस गिरार्ड (World Champion, Nicolas Girard) के खिलाफ बेहद करीबी मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। गिरार्ड ने भारतीय खिलाड़ी को 147-146 से मात दी।
सेमीफाइनल में दोनों खिलाड़ी 137-137 की बराबरी पर थे। अंतिम तीर में गिरार्ड ने 10 अंक हासिल किए, जबकि साहिल का आखिरी शॉट 9 अंक का रहा और वह फाइनल में पहुंचने से चूक गए।
साहिल ने मुकाबले की शुरुआत शानदार ढंग से करते हुए पहले एंड में दो बार 10 अंक लगाए थे, लेकिन तीसरे तीर पर 8 अंक मिलने से उन्हें नुकसान हुआ। चौथे एंड में साहिल ने परफेक्ट 30 स्कोर कर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया था।
यह प्रतियोगिता में साहिल की दूसरी करीबी हार से वापसी थी। इससे पहले पुरुष कंपाउंड टीम स्पर्धा में वह ओजस देवताले और कुशल दलाल (Ojas Deotale and Kushal Dalal) के साथ चीन के खिलाफ शूट-ऑफ में कांस्य पदक मुकाबला हार गए थे।
हालांकि इस बार साहिल जाधव ने कोई गलती नहीं की और शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया।


