
नई दिल्ली : (New Delhi) खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) ने बुधवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय खेल संबंधों पर पिछले साल पूरी तरह से लगाई गई रोक जारी रहेगी लेकिन सीमा पार से आने वाले खिलाड़ियों को कई देशों के टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के लिए यहां आने से नहीं रोका जाएगा। मंत्रालय ने खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और अंतरराष्ट्रीय खेल संचालन संस्थाओं के पदाधिकारियों के लिए वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई जिससे कि भारत को एक ‘पसंदीदा खेल स्थल’ के रूप में स्थापित किया जा सके।
पाकिस्तान नहीं जाएंगी भारतीय टीमें
मंत्रालय ने सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ), भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) और भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) (National Sports Federations (NSFs), the Indian Olympic Association (IOA), the Sports Authority of India (SAI) सहित अन्य संस्थाओं को जारी एक सर्कुलर में कहा, ”जहां तक एक-दूसरे के देश में द्विपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं का संबंध है तो भारतीय टीमें पाकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लेंगी। ना ही हम पाकिस्तानी टीमों को भारत में खेलने की अनुमति देंगे।” इसमें कहा गया, ”अंतरराष्ट्रीय और बहु राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के संबंध में, चाहे वे भारत में हों या विदेश में, हम अंतरराष्ट्रीय खेल संचालन संस्थाओं की कार्यप्रणाली और अपने स्वयं के खिलाड़ियों के हितों से निर्देशित होते हैं।” इसके अनुसार, ”इसे देखते हुए भारतीय टीमें और व्यक्तिगत खिलाड़ी उन अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे जिनमें पाकिस्तान की टीमें या खिलाड़ी भी शामिल होते हैं। इसी तरह पाकिस्तानी खिलाड़ी और टीमें भारत द्वारा आयोजित ऐसी बहुपक्षीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगी।”
पिछले साल अगस्ते में हुई नीति की घोषणा
इस नीति की घोषणा सबसे पहले पिछले साल अगस्त में की गई थी। यह घोषणा तब हुई जब यूएई में हुए क्रिकेट के एशिया कप में भारत के भाग लेने को लेकर काफी हंगामा मचा था। इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान भी खेल रहा था और इसका आयोजन पहलगाम आतंकी हमले के कुछ ही महीनों बाद हुआ था जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। उस समय मंत्रालय ने कहा था कि वह बहुपक्षीय क्रिकेट प्रतियोगिताओं में तब तक कोई रुकावट नहीं डालेगा जब तक कि मेजबान देश पाकिस्तान ना हो। यह नीति साफ करती है कि 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के (2030 Commonwealth Games and the 2036 Olympic Games) ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने का इच्छुक भारत ओलंपिक चार्टर और उसकी समावेशिता की भावना का पालन करेगा जिससे कि वह वैश्विक प्रतियोगिताओं के एक मिलनसार मेजबान के रूप में खुद को प्रस्तुत कर सके।


