
नई दिल्ली : (New Delhi) सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि केवल छह वर्ष तक की आयु के नागरिकों को नए आधार कार्ड जारी करने के लिए विधायी हस्तक्षेप और मौजूदा कानूनी ढांचे में संशोधन की जरूरत है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची (Chief Justice Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi) की पीठ एक जनहित याचिका की सुनवाई कर रही थी, जिसमें भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरणको केवल छह वर्ष तक की आयु के नागरिकों को नए आधार कार्ड जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता के लिए उचित उपाय यह होगा कि वह इन सभी मुद्दों को राज्य और अन्य हितधारकों के संज्ञान में लाए ताकि वे इन पर गौर कर सकें। पीठ ने याचिका का निपटारा करते हुए निर्देश दिया कि इसे याचिकाकर्ता की ओर से अभ्यावेदन माना जाए। वकील अश्विनी उपाध्याय (advocate Ashwani Upadhyay) द्वारा दायर याचिका में किशोरों और वयस्कों को आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश का अनुरोध किया गया था ताकि घुसपैठियों को भारतीय नागरिक बनकर धोखाधड़ी करने से रोका जा सके।


