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Baramati/Mumbai : भारत के इतिहास में किसी विधायक उम्मीदवार की अब तक की सबसे बड़ी जीत

Baramati/Mumbai: The Largest Victory Ever Recorded by an MLA Candidate in Indian History

बारामती में सुनेत्रा पवार का महा-विजय
बारामती/मुंबई : (Baramati/Mumbai)
महाराष्ट्र के बारामती उपचुनाव के नतीजों (results of the Baramati by-election in Maharashtra) ने न केवल राज्य, बल्कि देश की राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई इस सीट पर उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar, his wife, Sunetra Pawar) ने जीत का एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।

बना दिया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड
सोमवार को हुई मतगणना के अंत में सुनेत्रा पवार ने 2,18,930 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की। इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद से भाजपा विधायक सुनील कुमार शर्मा (2,14,835 वोट का अंतर) (BJP MLA Sunil Kumar Sharma from Sahibabad, Uttar Pradesh) के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह भारत के संसदीय/विधानसभा इतिहास में किसी भी विधायक उम्मीदवार की सबसे बड़ी जीत दर्ज की गई है।

विरोधियों का सूपड़ा साफ
बारामती की चुनावी जंग में कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन सुनेत्रा पवार की लहर ऐसी थी कि एक भी प्रतिद्वंद्वी 1,000 वोटों का आंकड़ा पार नहीं कर सका। चर्चित चेहरे जैसे करुणा मुंडे को मात्र 125 और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट (Karuna Munde received a mere 125 votes, while Abhijeet Bichukale secured only 121 votes) मिले। यह जनता के एकतरफा समर्थन और अजित पवार के प्रति संवेदना को दर्शाता है।

जश्न न मनाने का ऐलान
दिवंगत अजीत पवार की याद में सुनेत्रा पवार ने समर्थकों से सार्वजनिक जश्न न मनाने की अपील की है। सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मतदाताओं ने जो विश्वास जताया है, वह दिवंगत अजीत पवार की पवित्र स्मृति को समर्पित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से विजय रैलियां न निकालने, गुलाल न उड़ाने और पूर्ण संयम बनाए रखने की अपील की। सुनेत्रा पवार ने लिखा कि यह दादा के आदर्शों के अनुरूप व्यवहार का समय है। बारामती की जनता का धन्यवाद। यह अंत नहीं, बल्कि नए संकल्प और नए बारामती की शुरुआत है। बता दें कि कुल 23 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन मुकाबला पूरी तरह एकतरफा (23 candidates were in the fray, the contest remained entirely one-sided) रहा।

सुनेत्रा पवार के बेटे की भावुक अपील
सुनेत्रा पवार के बेटे जय पवार (Sunetra Pawar’s son, Jay Pawar) ने सोमवार को धन्यवाद देते हुए कहा कि हममें से कोई भी इस तरह का चुनाव नहीं चाहता था। उन्होंने पड़ोसी भोर तहसील में चार वर्षीय बच्ची के साथ हुई बलात्कार और हत्या की घटना का भी जिक्र किया और कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जीत का जश्न नहीं मनाया जाएगा। जय पवार ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि यह अभियान अकेले का प्रयास नहीं था। हर शुभचिंतक हमारे साथ था। हम उनकी बदौलत ही सफल हुए। उन्होंने आगे कहा कि वे हर गुरुवार को क्षेत्र की जनता की समस्याओं को सुनने के लिए उपलब्ध रहेंगे।

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