
नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार ने आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों तक त्वरित सूचना पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ (Cell Broadcast Alert System) का आज यहां परीक्षण किया जिसमें सभी प्रकार के माेबाइल के स्क्रीन पर एक ही समय में एक मैसेज बाॅक्स में आपात स्थिति का संदेश उभरता है तथा ध्यान आकृष्ट करने के लिए एक विशिष्ट प्रकार की बीप ध्वनि के साथ वाइबेट करता है।
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह एक कार्यक्रम में रिमाेट के माध्यम से इसके देशव्यापी परीक्षण काे सफलतापूर्वक संपन्न किया। परीक्षण के तहत लगभग 11:45 बजे देशभर में मोबाइल फोन पर एक साथ बीप ध्वनि के साथ इमरजेंसी अलर्ट संदेश प्राप्त हुआ। संदेश में स्पष्ट किया गया कि यह एक परीक्षण है और जनता को कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। यह अत्याधुनिक प्रणाली संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग द्वारा राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) (NDMA) के सहयोग से विकसित की गई है, ताकि आपदा के समय नागरिकों तक महत्वपूर्ण सूचनाओं का समय पर प्रसार सुनिश्चित किया जा सके।
एनडीएमए ने दूरसंचार विभाग के प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (सी-डॉट) द्वारा विकसित एकीकृत अलर्ट सिस्टम ‘सचेत’ को सफलतापूर्वक चालू किया है। यह प्रणाली अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा अनुशंसित कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (Common Alerting Protocol) (CAP) पर आधारित है। वर्तमान में यह देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संचालित है और भौगोलिक रूप से लक्षित क्षेत्रों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को एसएमएस के माध्यम से आपदा एवं आपातकालीन अलर्ट प्रदान कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस प्रणाली के माध्यम से अब तक प्राकृतिक आपदाओं, मौसम चेतावनियों और चक्रवाती घटनाओं के दौरान 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में 134 अरब से अधिक एसएमएस अलर्ट प्रसारित किए जा चुके हैं।
आपदा चेतावनी तंत्र को और सशक्त बनाने के लिए एसएमएस के साथ-साथ अब सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast) (CB) तकनीक को भी शामिल किया गया है। इस तकनीक के जरिए किसी निर्धारित भौगोलिक क्षेत्र में सभी मोबाइल उपकरणों पर एक साथ अलर्ट प्रसारित किए जा सकते हैं, जिससे लगभग वास्तविक समय में सूचना पहुंचाना संभव हो जाता है।
सुनामी, भूकंप, बिजली गिरने, गैस रिसाव और अन्य रासायनिक खतरों के साथ साथ युद्ध या सैन्य हमले जैसी समय-संवेदनशील परिस्थितियों में यह प्रणाली विशेष रूप से उपयोगी साबित होगी। सेल ब्रॉडकास्ट आधारित इस स्वदेशी सार्वजनिक आपातकालीन अलर्ट सिस्टम के विकास और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सी-डॉट को सौंपी गई है।
पहले अभ्यास के तहत दिल्ली-एनसीआर सहित सभी राज्यों की राजधानियों में मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अंग्रेजी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में एक परीक्षण संदेश भेजा गया। संदेश में कहा गया, “भारत द्वारा स्वदेशी तकनीक का उपयोग करते हुए अपने नागरिकों के लिए त्वरित आपदा चेतावनी सेवा हेतु सेल ब्रॉडकास्ट का शुभारंभ। सचेत नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र। इस संदेश की प्राप्ति पर किसी प्रकार की कार्रवाई अपेक्षित नहीं है। यह एक परीक्षण संदेश है।”
परीक्षण के दौरान मेट्रो, बसों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर एक साथ अलर्ट आने से कुछ समय के लिए लोगों में भ्रम और घबराहट की स्थिति देखी गई, लेकिन बाद में संदेश पढ़ने के बाद उन्हाेंने राहत की सांस ली और स्थिति सामान्य हो गई।
सरकार ने इसे ‘सतर्क नागरिक, सुरक्षित राष्ट्र’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए नागरिकों से अपील की है कि ऐसे परीक्षण संदेशों से घबराएं नहीं, क्योंकि इनका उद्देश्य केवल आपदा के समय त्वरित सूचना तंत्र को परखना और मजबूत करना है।


