
कोलकाता / नई दिल्ली : (Kolkata / New Delhi) पश्चिम बंगाल में चुनाव की पारदर्शिता को लेकर वरिष्ठ वकील और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल (Senior advocate and former Union Minister Kapil Sibal) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वोटों की गिनती के दौरान हर टेबल पर राज्य सरकार (state government) का एक कर्मचारी होना बहुत जरूरी है, ताकि सभी पार्टियों को बराबरी का मौका मिल सके। वहीं, दक्षिण 24 परगना जिले (South 24 Parganas district) के फाल्टा इलाके के हसिमनगर गांव में शनिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उ तरकर विरोध प्रदर्शन किया। इन लोगों का कहना है कि वोटों की गिनती (4 मई) के बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। कपिल सिब्बल ने कहा है कि वोटों की गिनती के दौरान हर टेबल पर राज्य सरकार का एक कर्मचारी होना बहुत जरूरी है, ताकि सभी पार्टियों को बराबरी का मौका मिल सके। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां अदालत ने साफ कहा कि चुनाव आयोग (Election Commission) को यह अधिकार है कि वह तय करे कि गिनती के दौरान कौन कर्मचारी तैनात होंगे। अदालत ने चुनाव आयोग के सर्कुलर को गलत नहीं माना।
निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी मतगणना: आयोग
चुनाव आयोग का कहना है कि गिनती के दौरान केंद्रीय और राज्य, दोनों तरह के कर्मचारियों की मौजूदगी रहेगी। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होगी। कपिल सिब्बल का कहना है कि अगर हर टेबल पर राज्य सरकार का कर्मचारी भी रहेगा, तो किसी भी राजनीतिक पक्ष को पक्षपात का डर नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होती है, तो गड़बड़ी की आशंका नहीं होनी चाहिए।


