
देवरिया : (Deoria) पूर्वांचल के देवरिया (Deoria—a district in the Purvanchal region) में गुरुवार को प्रस्तावित राजनीतिक प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) (Samajwadi Party) के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। बरहज तहसील मुख्यालय (Tehsil headquarters in Barhaj) पर संभावित धरना-प्रदर्शन और तहसील घेराव के एलान के बीच यह कार्रवाई की गई, जिससे इलाके में सियासी तापमान अचानक बढ़ गया। इस कार्रवाई पर पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जरिए लोकतंत्र की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, सपा कार्यकर्ता नगर स्थित पीडब्ल्यूडी डाक बंगले (PWD Dak Bungalow) में बैठक कर आगे की रणनीति तय कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) राजेश चतुर्वेदी के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और बैठक स्थल से पूर्व विधायक स्वामी नाथ यादव, गेनालाल यादव, अंबिका चौधरी और राजन भुर्जी (former MLA Swami Nath Yadav, Genalal Yadav, Ambika Chaudhary, and Rajan Bhurji) समेत कई नेताओं व कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सभी को तत्काल देवरिया मुख्यालय भेज दिया गया।
देवरिया में निषेधाज्ञा प्रभावी
एसडीएम हरि शंकर (SDM Hari Shankar) ने स्पष्ट किया कि जिले में पहले से ही निषेधाज्ञा लागू है, जिसके तहत किसी भी प्रकार के धरना, प्रदर्शन या सामूहिक बैठक की अनुमति नहीं है। उन्होंने बताया कि एक स्थान पर नेताओं और कार्यकर्ताओं के जुटने की सूचना मिलने पर नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सपा के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है, वहीं प्रशासन इसे पूरी तरह एहतियाती कदम बता रहा है। अब नजर इस बात पर है कि आगे इस मुद्दे पर सियासी प्रतिक्रिया किस रूप में सामने आती है।


