
नई दिल्ली : (New Delhi) चुनाव आयोग (Election Commission) ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा को सुदृढ़ करते हुए क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू कर दी है। इससे अनधिकृत व्यक्ति मतगणना केंद्र में प्रवेश नहीं कर पाएगा। प्रणाली ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म (ECI-Net platform) पर आधारित है और इसकी शुरुआत चार मई को होने वाली मतगणना से होगी।
असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल एवं पुडुचेरी विधानसभा के चुनाव तथा पांच राज्यों की सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की मतगणना चार मई को होगी। गोवा की पोंडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की अधिसूचना बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) ने रद्द कर दिया था, जिससे 9 अप्रैल को इस सीट पर होने वाला मतदान भी रद्द हो गया था।
इस पहल के अंतर्गत तीन-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली निर्धारित की गई है। पहले और दूसरे स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी के माध्यम से फोटो पहचान पत्रों की मैन्युअल जांच होगी, जबकि तीसरे और सबसे अंदरूनी सुरक्षा घेरे में केवल क्यूआर कोड स्कैनिंग (successful QR code scan) के बाद ही प्रवेश की अनुमति होगी।
यह क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र रिटर्निंग अधिकारी, सहायक रिटर्निंग अधिकारी, मतगणना कर्मियों, तकनीकी स्टाफ, प्रत्याशियों और उनके एजेंटों सहित सभी अधिकृत व्यक्तियों के लिए अनिवार्य होंगे।
जिला निर्वाचन अधिकारियों और रिटर्निंग अधिकारियों (District Election Officers and Returning Officers) को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें और प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती करें।


