
लखनऊ : (Lucknow) मायावती ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (Congress and the Samajwadi Party) को कठघरे में खड़ा करते हुए उनके रुख को अवसरवादी बताया है। बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) प्रमुख ने कहा कि दोनों दल सत्ता में रहते और विपक्ष में होने पर अलग-अलग नीति अपनाते रहे हैं, जिससे वंचित वर्गों के हित प्रभावित हुए हैं।
मायावती (Mayawati) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच X पर जारी अपने विस्तृत बयान में कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह पार्टी आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर समय-समय पर अपना रुख बदलती रही है। यह गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में सत्ता के दौरान कांग्रेस ने अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू कराने में गंभीरता नहीं दिखाई।
वीपी सिंह की सरकार में मंडल कमीशन
कहा, OBC समाज के लिए मंडल कमीशन की रिपोर्ट के हिसाब से उन्हें सरकारी नौकरी व शिक्षा के क्षेत्र में 27 प्रतिशत आरक्षण को भी लागू नहीं किया, जिसे फिर BSP के अथक प्रयासों से पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह (Prime Minister V.P. Singh) की सरकार में अनततः लागू किया गया था, जो सर्वविदित है।
पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट भूल गई सपा
इसी प्रकार, यूपी में पिछड़े मुस्लिमों को OBC का लाभ देने के लिए, पिछड़ा वर्ग आयोग की जुलाई 1994 में ही आई रिपोर्ट को भी सपा सरकार ने ठण्डे बस्ते में डाल दिया। जिसे फिर बीएसपी ने तीन जून, 1995 में पहली सरकार बनने पर इसे तुरंत लागू किया, जो कि अब यही सपा अपना रंग बदलकर अपने राजनैतिक स्वार्थ में इनकी महिलाओं को अलग से आरक्षण देने की बात कर रही है।
विपक्ष में याद आता है सामाजिक न्याय
उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब पार्टी सत्ता से बाहर होती है तो सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन सरकार में रहते हुए उसका रवैया संकीर्ण और जातिवादी हो जाता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछड़े मुस्लिम समुदाय को ओबीसी लाभ देने संबंधी सिफारिशों को सपा सरकार ने लागू नहीं किया था, जबकि बाद में बसपा सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए।
कांग्रेस भी भाजपा की तरह कदम उठाती
महिला आरक्षण के क्रियान्वयन को लेकर मायावती ने कहा कि यदि इसे शीघ्र लागू करना है तो पिछली जनगणना के आधार पर परिसीमन करना व्यावहारिक विकल्प हो सकता है। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि यदि कांग्रेस वर्तमान में केंद्र की सत्ता में होती, तो वह भी इसी तरह के कदम उठाती जैसी मौजूदा सरकार उठा रही है।
आमजन को भ्रम में न पडऩे की सलाह
बसपा प्रमुख ने अपने बयान में यह भी कहा कि देश में एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समुदायों (SC, ST, OBC, and Muslim communities) के दीर्घकालिक हितों के प्रति किसी भी राजनीतिक दल ने पूरी प्रतिबद्धता नहीं दिखाई है। उन्होंने इन वर्गों से अपील की कि वे वर्तमान परिस्थितियों में जो अवसर मिल रहे हैं, उन्हें स्वीकार करते हुए आत्मनिर्भर बनने पर ध्यान दें और किसी भी राजनीतिक भ्रम में न पड़ें।


