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Noida : तीन दिन की तैयारी ने लगाई थी नोएडा में आग

Noida: Three Days of Planning Fueled the Unrest in Noida

नोएडा : (Noida) नगर में वेतन बढ़ाने की मांग काे लेकर शुरू हुए श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में पता चला है कि हिंसा भड़काने के लिए तीन दिन से कई स्तरों पर तैयारी चल रही थी। सोशल मीडिया से लेकर औद्योगिक इलाकों में घूमते हुए कुछ लोगों ने पूरा माहौल तैयार किया। श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के पीछे तीन संगठनों के नाम सामने आएं हैं। मजदूर बिगुल दस्ता इनमें प्रमुख है। वेतन बढ़ाने की मांग काे लेकर शुरू हुए श्रमिकों के आंदाेलन काे भड़काने के लिए साेशल मीडिया का सहारा लेने वाले मजदूर बिगुल दस्ता के

प्रमुख रूपेश राय सहित 18 लोगों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। श्रमिकों के प्रदर्शन से पहले तीन दिन के भीतर 80 से अधिक वॉट्सऐप ग्रुप (WhatsApp groups) तैयार किए गए, जिनमें से करीब 50 ग्रुप की जानकारी पुलिस को मिल चुकी है। जिनमें हिंसा भड़काने वाले संदेश साझा किए गए थे। इन ग्रुप में श्रमिकों की वास्तविक मांगों जैसे वेतन वृद्धि या कार्य स्थितियों में सुधार को लेकर कोई चर्चा नहीं थी। इसके बजाय कर्मचारियों को उकसाने, भीड़ जुटाने और फैक्टरियों में तोड़फोड़ करने जैसी बातें लिखी जा रही थीं।

इस मामले में नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह (Noida Police Commissioner Laxmi Singh) ने बताया कि श्रमिकों के प्रदर्शन को हिंसक बनाने में मुख्य रूप से तीन समूहों की भूमिका सामने आई है। अब तक 17 वॉट्सऐप ग्रुप का सत्यापन किया जा चुका है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। अन्य एजेंसियां भी जांच में जुटी हैं। उन्हाेंने बताया कि संदिग्ध एक्स हैंडल की भी जांच के दौरान पुलिस को 50 से अधिक संदिग्ध एक्स हैंडल की जानकारी मिली। ये हैंडल हिंसा से एक-दो दिन पहले ही बनाए गए थे। इनके जरिए भड़काऊ पोस्ट डाले जा रहे थे। इनका उद्देश्य माहौल को और अधिक उग्र बनाना था। पुलिस ने इन हैंडल्स की जानकारी के लिए एक्स कंपनी से संपर्क किया है। आधिकारिक पत्र और ई-मेल भेजे हैं, ताकि इन अकाउंट के संचालकों की पहचान की जा सके।

डीसीपी शैव्या गोयल (DCP Shaivya Goyal) ने बताया कि यह पूरी गतिविधि पूर्व नियोजित और संगठित तरीके से चलाई गई थी। जांच के बाद ही मजदूर बिगुल दस्ता संगठन से जुड़े रूपेश राय समेत 18 की गिरफ्तारी हाे चुकी है।

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