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New Delhi : कम हो सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें

नई दिल्ली : (New Delhi) पश्चिम एशिया में जारी तनाव (ongoing tensions in the Middle East)https://indiagroundreport.com/mumbai-anil-kapoor-joins-salman-khans-film/ और कच्चे तेल की आपूर्ति पर पड़े असर के बीच केंद्र सरकार (Central Government) ने पेट्रोल और डीजल (excise duty on petrol and diesel) पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क में कटौती कर आम उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास किया है। सरकार ने पेट्रोल पर 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करते हुए शुल्क को 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये कर दिया है, जबकि डीजल पर इसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद ईंधन की खुदरा कीमतों में कमी की उम्मीद जताई जा रही है।

नायरा एनर्जी ने बढ़ाए दाम
वैश्विक हालात के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते परिवहन प्रभावित होने से बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसका असर घरेलू तेल कंपनियों पर भी पड़ा है, जिन्होंने हाल के दिनों में प्रीमियम पेट्रोल और औद्योगिक डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी (Nayara Energy Nayara Energy, a leading private-sector player) ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए, जिससे बाजार में दबाव और बढ़ गया।

आपूर्ति में अभी भी अनिश्चितता
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसका अधिकांश हिस्सा समुद्री मार्ग से आता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक संकट (ongoing geopolitical crisis in the Middle East) का सीधा असर देश की ऊर्जा सुरक्षा और कीमतों पर पड़ रहा है। हालांकि, कुछ टैंकर भारत तक पहुंच रहे हैं, लेकिन आपूर्ति में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है।

स्थिरता बनाए रखना चुनौतीपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्पाद शुल्क में कटौती से अल्पकाल में उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है, लेकिन वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भरता के चलते कीमतों में स्थिरता बनाए रखना चुनौती बना रहेगा। सरकार के इस कदम को महंगाई पर नियंत्रण और बाजार संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

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