
कांकेर : (Kanker) छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले (Chhattisgarh’s Kanker district) में हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाली 8 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली स्वरूपा (Swarupa—a female Naxalite) का एक हस्तलिखित पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिलिट्री कंपनी नंबर-5 (Military Company No. 5) से जुड़ी रही स्वरूपा ने यह पत्र गोंडी भाषा में लिखा है, जिसमें उन्होंने अपने पूर्व साथियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की अपील की है।
समाज से जुड़ना ही बेहतर विकल्प
पत्र में स्वरूपा ने स्पष्ट किया है कि जंगल और हथियारों का रास्ता अंततः विनाश की ओर ले जाता है। उन्होंने अपने साथियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय रहते आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटना ही बेहतर विकल्प है। यह पत्र परतापुर एरिया कमेटी (Partapur Area Committee) के कमांडर चंदर रूपी के नाम लिखा गया है, जिससे संकेत मिलता है कि वह सीधे सक्रिय नक्सली सदस्यों तक अपना संदेश पहुंचाना चाहती हैं।
आठ लाख की इनामी थी नक्सली स्वरूपा
उल्लेखनीय है कि आठ लाख रुपये की इनामी स्वरूपा ने गुरुवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर नक्सलवाद से दूरी बना ली थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अब भी कई माओवादी कैडर सक्रिय हैं, जिन्हें मुख्यधारा में लाने के प्रयास जारी हैं। स्वरूपा का यह कदम और उनका संदेश नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।


