
नई दिल्ली : (New Delhi) देश के स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाते हुए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) (DPIIT) ने एक डिजिटल मनोरंजन कंपनी क्राफ्टन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के मुताबिक इस समझौता ज्ञापन पर डीपीआईआईटी के उप सचिव टीएलके सिंह और क्राफ्टन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (T.L.K. Singh and KRAFTON India Private Limited) के गवर्नमेंट रिलेशंस हेड विभोर कुकरेती ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का उद्देश्य डिजिटल मनोरंजन, ऑनलाइन गेमिंग, ई-स्पोर्ट्स, इंटरैक्टिव मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित तकनीकों जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले प्रोडक्ट स्टार्टअप्स के विकास को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय ने बताया कि इसका लक्ष्य स्टार्टअप्स को व्यवस्थित उद्योग जुड़ाव के माध्यम से ऐसे समाधान विकसित करने में सक्षम बनाना है, जो विस्तार योग्य हों और उद्योग के लिए प्रासंगिक हों। इस पहल के तहत स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, इंडस्ट्री से जुड़ी जानकारी, ज्ञान के आदान-प्रदान के प्लेटफॉर्म और खासतौर पर तैयार किए गए जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। ये साझेदारी स्टार्टअप्स को कुछ अहम पड़ाव हासिल करने में भी मदद करेगी, जैसे कि अवधारणा का प्रमाण (Proofs of Concept) (PoCs) तैयार करना, बाज़ार तक पहुंच बनाना और जहां भी संभव हो, उन्हें इंडस्ट्री के इकोसिस्टम में शामिल करना है।
इस अवसर पर डीपीआईआईटी के संयुक्त सचिव संजीव (DPIIT Joint Secretary Sanjiv) ने कहा कि यह सहयोग भारत की डिजिटल और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारियां स्टार्टअप्स को उभरते हुए तकनीकी क्षेत्रों में नवाचार करने, अपना विस्तार करने और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी समाधान तैयार करने में सक्षम बनाती हैं। उन्होंने बताया कि इस सहयोग के तहत डीपीआईआईटी, क्राफ्टन इंडिया प्रा. लिमिटेड के साथ मिलकर ‘भारत स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज’ के तहत इनोवेशन चुनौतियों के आयोजन की संभावनाओं को तलाशेगा। इसके साथ ही गेम डिजाइन, एनिमेशन, इमर्सिव टेक्नोलॉजीज, ई-स्पोर्ट्स मैनेजमेंट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोगों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लक्षित हैकाथॉन, वर्कशॉप और मास्टरक्लास का भी आयोजन किया जाएगा।
संजीव ने कहा कि यह सहयोग उद्योग जगत के साथ मेल-जोल, ज्ञान के आदान-प्रदान और वैश्विक बेहतरीन कार्यप्रणालियों से रूबरू होने में भी मदद करेगा। चुने गए स्टार्टअप्स को पायलट सहयोग के अवसर मिल सकते हैं, और परिणामों के आधार पर आगे भी जुड़ने की संभावना रहेगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा यह पहल आउटरीच प्रयासों और ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्यक्रमों में भागीदारी के माध्यम से इकोसिस्टम-निर्माण में सहायता करेगी, ताकि स्टार्टअप क्षेत्र में जुड़ाव को बढ़ाया जा सके।


