
धमतरी : (Dhamtari) गर्मी का मौसम शुरू होते ही जिले में आंखों से जुड़ी संक्रामक बीमारी कंजक्टिवाइटिस (Red Eye/Eye Flu) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों और क्लीनिकों में आंखों में जलन, लालिमा और पानी आने की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए चिकित्सकों ने आम लोगों को सतर्क रहने और समय रहते उपचार कराने की सलाह दी है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डा राजेश सूर्यवंशी (ophthalmologist Dr. Rajesh Suryavanshi) के अनुसार कंजक्टिवाइटिस आंख की पारदर्शी झिल्ली ‘कंजक्टिवा’ में सूजन के कारण होता है। इस बीमारी में आंखें लाल हो जाती हैं और उनमें जलन, खुजली तथा पानी या गाढ़ा स्राव निकलने लगता है। उन्होंने बताया कि यह संक्रमण मुख्य रूप से वायरल होता है, लेकिन बैक्टीरियल संक्रमण, एलर्जी, धूल, धुआं और रासायनिक तत्वों के संपर्क में आने से भी यह समस्या हो सकती है।डा सूर्यवंशी ने बताया कि आई फ्लू अत्यंत संक्रामक है और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है। खासकर स्कूलों, कार्यालयों और भीड़भाड़ वाले स्थानों में इसके फैलने की आशंका अधिक रहती है। ऐसे में व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
बचाव के उपाय बताते हुए उन्होंने कहा कि बार-बार हाथ धोना, आंखों को अनावश्यक रूप से छूने से बचना, तौलिया या रूमाल साझा न करना और धूल व तेज हवा से आंखों की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। साथ ही, संक्रमण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखना भी आवश्यक है। वरिष्ठ नेत्र चिकित्सक डा जेएस खालसा (Senior ophthalmologist Dr. J.S. Khalsa) ने भी लोगों से अपील की है कि आंखों में किसी भी प्रकार की समस्या को नजरअंदाज न करें। प्रारंभिक लक्षण दिखाई देते ही चिकित्सक से परामर्श लेकर उपचार शुरू करना चाहिए, ताकि संक्रमण पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
प्रमुख लक्षण:
चिकित्सकों के अनुसार इसके प्रमुख लक्षणों में आंखों में लालिमा, पलकों में सूजन, सुबह के समय आंखों में पपड़ी जमना और तेज रोशनी में परेशानी होना शामिल है। यह बीमारी सामान्यतः एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर संक्रमण बढ़ सकता है और दूसरों तक फैल सकता है।


