
काबुल : (Kabul) पाकिस्तान-अफगानिस्तान (Pakistan and Afghanistan) के बीच चल रहे टकराव ने सोमवार रात भीषण रूप ले लिया। पाकिस्तान ने काबुल के एक अस्पताल पर हमला किया जिसमें कम-से-कम १०० लोगों के मारे जाने और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पाकिस्तान का दावा है कि उसने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ताजा हमले के बाद अफगानिस्तान की तालिबान सरकार (Afghanistan’s Taliban government) ने साफ कर दिया है कि अब बातचीत और कूटनीति का समय खत्म हो चुका है और अफगानिस्तान इसका बदला लेगा।
अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच एक महीने से चल रहे टकराव के बीच स्थितियां तेजी से बिगड़ रही हैं। पाकिस्तान की तरफ से देर रात अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र को निशाना बनाया गया है। हमले में अस्पताल को काफी नुकसान हुआ है। इमारत का ज्यादातर हिस्सा आग लगने के कारण तबाह हो चुका है। बताया जा रहा है कि हमले के समय इस केंद्र पर दो हजार से अधिक लोग मौजूद थे जिसमें कम-से-कम सौ लोगों की जान चली गई। बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं जिनमें कई लोगों को नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसे देखते हुए मरने वालों की संख्या बढ़ने का अंदेशा है।
पाकिस्तान की तरफ से नशा मुक्ति केंद्र के अलावा काबुल के कुछ अन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं। अफगानिस्तान के मीडिया समूह टोलो न्यूज के मुताबिक, अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात (Islamic Emirate of Afghanistan) (IEA) प्रवक्ता जबिहुल्लाह मुजाहिद ने कबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। उन उ्होने कहा कि इन हमलों के बाद इस्लामाबाद के साथ कूटनीति और बातचीत का समय समाप्त हो गया है, अब बातचीत का रास्ता अपनाने के बजाय हम भी बदला लेने का इरादा रखते हैं।
एरिना न्यूज के मुताबिक मुजाहिद ने एक बयान में कहा कि जिस अस्पताल में नशा मुक्ति के लिए मरीजों का इलाज चल रहा था, उस पर हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सा देखभाल प्राप्त कर रहे कई लोगों की जान चली गई। मुजाहिद ने कहा, “पाकिस्तान के सैन्य शासन ने एक बार फिर हमारे देश के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है और काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल (drug rehabilitation hospital in Kabul) को निशाना बनाया है, जिससे इलाज करा रहे कई मरीज शहीद और घायल हो गए हैं। हम इस अपराध की कड़ी निंदा करते हैं और इसे सभी मानवीय और नैतिक मानकों के विरुद्ध मानते हैं।”
अफगानिस्तान के स्टार क्रिकेटर राशिद खान और मोहम्मद नबी (Rashid Khan and Mohammad Nabi) ने काबुल में किए गए हमलों में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। राशिद खान ने इससे जुड़ी तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया एक्स पोस्ट में लिखा, काबुल में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के कारण नागरिकों की मौत की खबरें बेहद दुखद हैं। घरों, शैक्षणिक संस्थानों या चिकित्सा ढांचे को निशाना बनाना चाहे जानबूझकर हो या गलती से युद्ध अपराध है। मानव जीवन के प्रति इस तरह की अनदेखी, खासकर रमज़ान के पवित्र महीने में, बेहद चिंताजनक है और इससे समाज में नफरत और विभाजन बढ़ेगा।
वहीं, मोहम्मद नबी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि काबुल में बीती रात एक अस्पताल पर हुए बम हमले ने उम्मीद को बुझा दिया और अस्पताल में इलाज कराने आए युवा इस हमले में मारे गए। नबी ने लिखा कि अस्पताल के बाहर माताएं अपने बेटों का नाम पुकारती हुई उनका इंतजार कर रही थीं और रमज़ान की 28वीं रात को उनकी ज़िंदगियां खत्म हो गईं। उन्होंने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 21 फरवरी को एक हमले के बाद तनाव बढ़ा था। इसके जवाब में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर हमले किए जिसमें दोनों तरफ से लोगों की जान गई है।


