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Mumbai : पीएनजीएस रेवा डायमंडकी फीकी लिस्टिंगआईपीओ के निर्धारिय मूल्य से नीचे खुला शेयर

Mumbai: PNGS Reva Diamonds's listing is lackluster.
Shares open below IPO price

मुंबई : (Mumbai) डायमंड ज्वेलरी निर्माण क्षेत्र की कंपनी पीएनजीएस रेवा डायमंड ज्वेलरी लिमिटेड (PNGS Reva Diamond Jewellery Limited, a diamond jewelry manufacturing company) ने बाजार में कमजोर शुरुआत की है। कंपनी का शेयर आईपीओ मूल्य (shares listed below the IPO price) से नीचे सूचीबद्ध हुआ, जिससे शुरुआती निवेशकों को निराशा हाथ लगी।

कंपनी ने अपना आईपीओ 386 रुपये प्रति शेयर (IPO at a price of ₹386 per share) के भाव पर जारी किया था। हालांकि, BSE पर लिस्टिंग 372 रुपये पर हुई, जो निर्गम मूल्य से लगभग 3.6 प्रतिशत कम है। शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने पर शेयर 360 रुपये तक फिसल गया। बाद में सीमित खरीदारी के चलते यह 380 रुपये के आसपास पहुंचा, लेकिन दोपहर 11:30 बजे तक यह लगभग 374 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इस स्तर पर आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर करीब 12 रुपये, यानी लगभग 3 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ।

आईपीओ को मिला सीमित प्रतिसाद
380 करोड़ रुपये के इस निर्गम को 24 से 26 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन (subscription between February 24 and 26) के लिए खोला गया था। कुल मिलाकर यह 1.23 गुना सब्सक्राइब हुआ। कंपनी ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 98.44 लाख नए शेयर जारी किए। जुटाई गई राशि का उपयोग 2028 तक 15 नए स्टोर खोलने, ‘रेवा’ ब्रांड के प्रचार-प्रसार और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाना प्रस्तावित है।

वित्तीय प्रदर्शन: उतार-चढ़ाव का रुझान
सेबी के समक्ष दाखिल दस्तावेजों के अनुसार कंपनी की आय और लाभ में पिछले वर्षों में अस्थिरता रही है। शुद्ध लाभ (कर पश्चात) 2022-23 में ₹51.75 करोड़, 2023-24 में ₹42.41 करोड़, 2024-25 में ₹59.47 करोड़ और 2025-26 (पहली छमाही) में ₹20.13 करोड़ रहा।
कंपनी को 2022-23: ₹199.35 करोड़, 2023-24: ₹196.24 करोड़, 2024-25: ₹259.11 करोड़ और 2025-26 (पहली छमाही): ₹157.12 करोड़ राजस्व मिला।

कर्ज और रिजर्व की स्थिति
वित्त वर्ष 2023-24 तक कंपनी कर्ज मुक्त थी, लेकिन 2024-25 में उस पर ₹90.65 करोड़ का कर्ज दर्ज हुआ, जो चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही तक बढ़कर ₹130.25 करोड़ हो गया। हालांकि, रिजर्व और सरप्लस में सुधार देखने को मिला। 2023-24 तक यह नकारात्मक था, जबकि 2024-25 में ₹95.33 करोड़ और चालू वर्ष की पहली छमाही में ₹98.44 करोड़ तक पहुंच गया।

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