
शिलॉन्ग : (Shillong) असम और मेघालय की सीमा पर स्थित गारो गांव में वैज्ञानिकों (Garo village on the border between Assam and Meghalaya) को जमीन के नीचे रहने वाली एक दुर्लभ अंधी मछली मिली है, जिसे ‘गिचिक नाकाना’ (Gichik Nakana) नाम दिया गया है। यह मछली किसी गुफा में नहीं, बल्कि जमीन के नीचे चट्टानों के बीच जमा पानी में मिली है। महज दो सेंटीमीटर लंबी यह मछली पारदर्शी है और इसके शरीर में बहता खून साफ दिखाई देता है। इस मछली के सिर पर खोपड़ी की हड्डी नहीं है, इसका दिमाग सिर्फ त्वचा से ढका है। जेनेटिक जांच से पता चला है कि यह प्रजाति करीब 2 से 4 करोड़ (20 to 40 million years old) साल पुरानी है।


