
मुंबई : (Mumbai) मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि दावोस में एक लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding) (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे तीसरी मुंबई खासकर रायगढ़-पेन ग्रोथ सेंटर क्षेत्र में विकास को मदद मिलेगी और लाखों की संख्या में रोजगार का सृजन होगा।
मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार स्विट्जरलैंड के दावोस में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Maharashtra delegation, led by Chief Minister Devendra Fadnavis) के नेतृत्व में महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल ने रायगढ़-पेन ग्रोथ सेंटर बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसके लिए दावोस में एक अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इससे महाराष्ट्र में न सिर्फ निवेश आएगा, बल्कि इस मौके पर आधुनिक टेक्नोलॉजी और ज्ञान भी भारत आएगा। दावोस में एमओयू से हम आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर उद्योग लगा पाएंगे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि दावोस में अर्बन प्लानिंग को लेकर महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) ने जो समझौते किए हैं, उनसे हमारी अर्बन प्लानिंग कैपेसिटी बढ़ेगी। साथ ही, यह निवेश आने वाले दिनों में महाराष्ट्र में कम्युनिकेशन के मामले में अच्छी सुविधाएं देने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि रायगढ़-पेन ग्रोथ सेंटर प्रोजेक्ट में दुनिया की कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। इकोनॉमिक फोरम के पहले दिन 14.50 लाख करोड़ रुपये के समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इससे राज्य में 1.5 मिलियन रोजगार के मौके बनने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि आज मुख्य रूप से रणनीतिक स्वरूप के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, यूनिवर्सिटी ऑफ बर्कले (University of California, Berkeley), टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, अर्बन फ्यूचर्स कलेक्टिव (लंदन), आईसीसीआई (इटली), आलॉन्ग ट्यूनिंग इंस्टीट्यूट, नॉर्वेजियन जियो-टेक्निकल इंस्टीट्यूट तथा सिंगापुर की सुबाना जुरॉन्ग के साथ तकनीकी सहयोग समझौते शामिल हैं।


