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Mumbai : शिवसेना यूबीटी और मनसे ने घोषणा पत्र में मुंबई के विकास का किया वादा

मुंबई : (Mumbai) शिवसेना यूबीटी के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे (Shiv Sena (UBT) president Uddhav Thackeray and Maharashtra Navnirman Sena (MNS) president Raj Thackeray) ने रविवार को मुंबई के दादर में संयुक्त रुप से नगर निगमों के चुनाव का वचननामा(घोषणा पत्र)जारी किया। इस घोषणा पत्र में मुंबई सहित अन्य नगर निगमों के विकास का वादा किया गया है।

शिवसेना यूबीटी (Shiv Sena) (UBT) और मनसे की ओर से रविवार को मध्य मुंबई के स्थित दादर में स्थित सेना भवन में रविवार को संयुक्त रूप से घोषणा पत्र जारी किया गया। इस अवसर पर दोनों ठाकरे भाइयों ने कहा कि मुंबई सहित राज्य की सभी नगर निगमों (municipal corporations) का महापौर हिंदू और मराठी होगा। इससे पहले जो लोग मराठी महापौर की बात कर रहे हैं, उन लोगों ने महापौर और उप महापौर गैर मराठी दिया है, यह उन लोगों को नहीं भूलना चाहिए।

उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने कहा कि नगर निगमों के चुनाव में राज्य चुनाव आयोग की भूमिका सिर्फ मूकदर्शक की है। विधानसभा अध्यक्ष खुद आचार संहिता काे भंग कर रहे हैं, उसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है, लेकिन राज्य चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

उन्होंने कहा कि मुंबई नगर निगम (Mumbai Municipal Corporation) सहित अन्य नगर निगमों में तीन सौ करोड़ रुपये से ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है, सत्ता में आने के बाद इन सबकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग ने कोरोना काल (COVID-19 period) पर एक किताब पर बैन लगा दिया है। लेकिन हम वह किताब बांटने जा रहे हैं, इलेक्शन कमीशन जो चाहे करे। उद्धव ठाकरे ने उन्हें चैलेंज किया कि वे हमें रोकने की हिम्मत दिखाएं।

राज ठाकरे ने कहा कि कोई भी सत्ता की अमर बेल्ट लेकर नहीं आता। अगर तुम्हें लगता है कि तुम कभी सत्ता नहीं छोड़ोगे, तो यह गलतफहमी दूर हो जानी चाहिए। शासकों को यह सोचना चाहिए कि जब कोई और सत्ता में आएगा तो हालात और खराब होंगे। हमें ध्यान से सोचना चाहिए कि कहीं हम गलत कदम तो नहीं उठा रहे। मैं 10 साल से कह रहा हूं कि महाराष्ट्र के लोग यूपी और बिहार जैसी राजनीति कर रहे हैं। इस तरह से राजनीति में आने वालों की सोच को बदलना और उन्हें मैनिपुलेट करना खतरनाक है। अगर आज हम बढ़ावा देंगे, तो हमें पता होना चाहिए कि हमारा क्या होगा। उन्होंने कहा कि मराठी भाषियों के लिए उनकी लड़ाई हमेशा जारी रहेगी।

शिवसेना यूबीटी और मनसे के घोषणा पत्र में हाउसमेड के तौर पर काम करने वाली महिलाओं का रजिस्ट्रेशन, रजिस्टर्ड महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये स्वाभिमान निधि दिए जाने का वादा किया गया है। कामकाजी माता-पिता और कामकाजी महिलाओं के लिए डेकेयर सेंटर ,पेट क्लीनिक ,बालासाहेब ठाकरे सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट फंडिंग स्कीम लागू करने का वादा किया गया है। साथ ही मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में ज़रूरी खाली पद भरे जाने, हर वार्ड में आजी अजोबा (दादा-दादी पार्क) मैदान, 700 वर्ग फीट तक के घरों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ करने, कचरा टैक्स खत्म करने, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के स्कूल बिल्डरों के हाथ में नहीं जाने दिए जाने ,म्युनिसिपल स्कूलों में 10वीं के बाद 12वीं तक जूनियर कॉलेज शुरु किए जाने, मुंबई पब्लिक स्कूलों को अपग्रेड किए जाने, मराठी स्कूलों में मराठी बोलने वालों के लिए डिजिटल पहल शुरू किए जाने, मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बाबासाहब आंबेडकर के नाम पर सबसे बड़ी लाइब्रेरी बनाए जाने , मुंबई का सुपर स्पेशलिस्ट कैंसर हॉस्पिटल (building a super specialist cancer hospital in Mumbai) बनाए जाने सहित अन्य विकास कामों का वादा किया गया है।

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