spot_img

New Delhi : स्टॉक मार्केट में अपोलो टेक्नो की मजबूत लिस्टिंग, फायदे में आईपीओ निवेशक

नई दिल्ली : (New Delhi) एडवांस्ड कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट (advanced construction equipment) बनाने वाली कंपनी अपोलो टेक्नो इंडस्ट्रीज (Apollo Techno Industries) के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूती के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 130 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 11.54 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 145 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयरों के भाव में और तेजी आ गई। सुबह 11:30 बजे तक कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 150.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को 15.77 प्रतिशत का मुनाफा हो चुका है।

अपोलो टेक्नो इंडस्ट्रीज का 47.96 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 26 दिसंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 50.63 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 25.26 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 98 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 44.81 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 36,89,000 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज को चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 90 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 3.23 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 13.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष की बात करें, 2025-26 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान कंपनी को 1.08 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की आय 44 प्रतिशत वार्षिक से अधिक की चक्रवृद्धि दर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ कर 99.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान कंपनी को 24.67 करोड़ रुपये की आय हो चुकी है। इस दौरान कंपनी पर कर्ज के बोझ में भी कमी आई। 2025-26 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी पर 30.57 करोड़ रुपये का कर्ज था।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो वित्त वर्ष 2022-23 के आखिरी में ये 5.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 के आखिरी में बढ़ कर 9.07 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 के आखिरी में उछल कर 15.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं 2025-26 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 16.38 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया था।

Explore our articles