वॉशिंगटन : (Washington) अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को मध्य और पूर्वी सीरिया (eastern Syria) के ग्रामीण इलाकों में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के दर्जनों ठिकानों पर हवाई हमले किए। 13 दिसंबर को पल्मायरा में हुए हमले के जवाब में यह कार्रवाई की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक दुभाषिए की मौत हो गई थी। अमेरिका ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है। सीरिया की सरकार ने अमेरिकी कार्रवाई का समर्थन किया है।
अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (US Defense Secretary Pete Hegseth) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि बदले की कार्रवाई में आईएसआईएस के कई लड़ाके मारे गए। उनका कहना है कि आईएसआईएस के लड़ाकों, उसके बुनियादी ढांचे और हथियार जमा किए जाने के ठिकानों को नष्ट करने के उद्देश्य के साथ यह ऑपरेशन शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि यह किसी युद्ध की शुरुआत नहीं- प्रतिशोध की घोषणा है।
पेंटागन ने इस जवाबी कार्रवाई को “ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक” नाम दिया है, जो 13 दिसंबर को हुए हमले में मारे गए दो अमेरिकी सैनिकों और एक दुभाषिये की मौत का बदला लेने के लिए शुरू किया गया है।
अल-मॉनिटर ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 2:15 बजे तक 70 से अधिक ठिकानों पर हमले किए जा चुके थे। जिसमें अमेरिकी वायु सेना (US Air Force) के एफ-15, ए-10 टैंक बस्टर और अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टरों के साथ जमीन पर मौजूद अमेरिकी हिमर्स सिस्टम और जॉर्डन की रॉयल एयरफोर्स के एफ-16 विमानों ने भी हिस्सा लिया। ऐसे बड़े हमले आने वाले घंटों और मंगलवार सुबह तक जारी रह सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने 13 दिसंबर को पल्मायरा में आए अमेरिकी सैन्य प्रतिनिधिमंडल पर हुए हमले के लिए आईएसआईएस को जिम्मेदार ठहराते हुए उसे इसकी कड़ी सजा देने की घोषणा की थी। अमेरिकी केंद्रीय कमान (US Central Command) (CENTCOM) ने हमले के लिए अकेले आईएसआईएस को जिम्मेदार ठहराया, हालांकि आईएसआईएस ने सीधे तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली।


