कोलकाता : (Kolkata) भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) (BJP) के सह-पर्यवेक्षक और आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय (Amit Malviya) ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट के जरिए बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के खिलाफ कथित हिंसा के मामलों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में दलित हिंदू दीपु चंद्र दास (Dalit Hindu Dipu Chandra Das) की हत्या ने अंतरात्मा को झकझोर दिया है। मालवीय के अनुसार, दीपु चंद्र दास पर चरमपंथियों ने हमला किया और बाद में उसे आग के हवाले कर दिय, जिससे उसकी मौत हो गई।
अमित मालवीय (Amit Malviya) ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई एक अन्य घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि लोग हरगोबिंद दास और उनके बेटे चंदन दास (murders of Hargobind Das and his son Chandan Das) की नृशंस हत्या को भी नहीं भूल सकते, जिन्हें कथित तौर पर उनके घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मुस्लिम कट्टरपंथियों ने उनकी हत्या कर दी। मालवीय ने दावा किया कि इन घटनाओं में समानता है और यह हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हिंसा के एक खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं।
अपने पोस्ट में भाजपा के आईटी सेल प्रमुख ने कहा कि पश्चिम बंगाल में हिंदुओं की सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक गणनाएं कभी भी कानून-व्यवस्था और मानवाधिकारों से ऊपर नहीं होनी चाहिए। उनका आरोप था कि चुप्पी या इनकार ऐसे तत्वों को बढ़ावा देता है, जो हिंसा को स्वीकार्य मानते हैं।
अमित मालवीय ने यह भी कहा कि बंगाली हिंदुओं को दर्द और पीड़ा की अनदेखी की भारी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही तय की जाए, पीड़ितों को न्याय मिले और हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान की जाए। बहरहाल, खबर लिखे जाने तक मालवीय के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।


