नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Delhi’s Patiala House Court) ने लालकिला ब्लास्ट मामले के आरोपितों शोएब अली और डॉ. नसीर बिलाल मल्ला (Shoaib Ali and Dr. Naseer Bilal Malla) की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) हिरासत 26 दिसंबर तक बढ़ा दी है। प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज अंजु बजाज चांदना (Principal District and Sessions Judge Anju Bajaj Chandana) ने दोनों की एनआईए हिरासत बढ़ाने का आदेश दिया।
कोर्ट ने दोनों की एनआईए हिरासत 19 दिसंबर तक के लिए बढ़ाई थी। शोएब फरीदाबाद का रहने वाला है। उस पर आरोप है कि उसने लाल किले पर ब्लास्ट कराने वाले आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी को पनाह दी थी। डाॅ. नसीर जम्मू-कश्मीर के बारामूला का रहने वाला है।
एनआईए ने अभी तक इस मामले में नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। सभी आराेपित फिलहाल हिरासत में हैं। एनआईए सभी आरोपितों से पूछताछ कर पूरी साजिश का खुलासा करने की कोशिश कर रही है। 18 नवंबर को पटियाला हाउस कोर्ट ने लालकिला ब्लास्ट मामले के आरोपित और आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर नबी के सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को 10 दिन की एनआईए हिरासत में भेजा था। एनआईए ने दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया था।
एनआईए के मुताबिक दानिश ने ड्रोन में तकनीकी बदलाव किए और कार बम विस्फोट से पहले रॉकेट तैयार करने की कोशिश की। दानिश ने उमर उन नबी के साथ मिलकर पूरी साजिश को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई। राजनीति विज्ञान में स्नातक दानिश को आत्मघाती हमलावर बनाने के लिए उमर ने ब्रेनवाश किया। वह अक्टूबर, 2024 में कुलगाम की एक मस्जिद में डॉक्टर मॉड्यूल से मिलने को तैयार हुआ, जहां से उसे हरियाणा के फरीदाबाद में अल फलाह विश्वविद्यालय में रहने के लिए ले जाया गया।
लालकिला के पास 10 नवंबर को आई10 कार में ब्लास्ट हुआ था। ये कार आमिर रशीद अली के नाम पर थी। इस ब्लास्ट में 13 लोगों की मौत हाे गई थी और 32 घायल हो गए थे।


