नई दिल्ली : (New Delhi) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने श्रीलंका में चक्रवाती तूफान दित्वा (Sri Lanka due to Cyclone Ditwa) के कारण हुई जानमाल की हानि पर दुख प्रकट किया है। साथ ही प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, सुविधा और शीघ्र रिकवरी की प्रार्थना की है। उन्होंने कहा कि देश की पड़ोसी प्रथम की नीति और महासागर विजन के तहत इस जरूरत के समय में भारत श्रीलंका के साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्रीलंका भारत का करीबी समुद्री पड़ोसी (Sri Lanka is India’s close maritime neighbor) है। उसके साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत ने ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ (Operation “Sagar Bandhu”) के तहत तत्काल राहत सामग्री भेजी है। हम बदलती परिस्थिति के अनुरूप मदद और सहयोग मुहैया कराने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
दूसरी ओर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर (External Affairs Minister Dr. S. Jaishankar) ने एक पोस्ट में कहा कि ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ जारी है। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि से राहत सामग्री कोलंबो में स्थानीय प्रशासन को सौंप दी गई है और आगे के जरुरी कार्य किये जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मानसून बाद हिन्द महासागर में एक टॉपिकल चक्रवात दित्वा बना है और इसने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। इस बात की भी आशंका है कि यह भारत के दक्षिण पश्चिमी राज्यों को आने वाले दिनों में प्रभावित करेगा।
तूफान ने आज श्रीलंका के तट पर दस्तक दी, जिसके चलते बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इससे 56 लोगों की मौत हो गयी है और 21 लोग लापता हैं। भारी बाढ़ के कारण ढांचागत संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है।


