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Mumbai : बदलापुर–कर्जत तीसरी-चौथी लाइन को कैबिनेट की मंज़ूरी

मुंबई उपनगरीय तंत्र में आएगा बड़ा सुधार
मुंबई : (Mumbai)
मुंबई महानगर क्षेत्र (Mumbai Metropolitan Region) के यात्रियों के लिए बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बदलापुर–कर्जत तीसरी और चौथी लाइन परियोजना को 26 नवंबर (Badlapur-Karjat Line 3 and 4 projects on November 26) को मंज़ूरी दे दी है। लगभग 2,781 करोड़ रुपये की दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में शामिल यह लाइन मुंबई–चेन्नई हाई डेंसिटी नेटवर्क (Mumbai-Chennai High Density Network) का हिस्सा होगी, जो पश्चिमी और दक्षिणी भारत को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग के रूप में विकसित होगी। इसकी पुष्टि मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला ने की।

परियोजना की खासियत और लागत

32 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 8 बड़े पुल, 106 छोटे पुल, एक रोड अंडरब्रिज और 6 स्टेशन शामिल होंगे। कुल लागत 1,324 करोड़ रुपये है, जिसे रेलवे और महाराष्ट्र सरकार 50:50 अनुपात में साझा करेंगे। यह लाइन कल्याण–कर्जत मार्ग पर भारी ट्रैफिक दबाव को कम करेगी (ease heavy traffic congestion on the Kalyan-Karjat route) और उपनगरीय रेल संचालन को अधिक सुगम बनाएगी।

दैनिक 15 लाख यात्रियों को सीधा लाभ

डॉ. नीला के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से मुंबई उपनगरीय तंत्र की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा और प्रतिदिन लगभग 15 लाख यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा। नई तीसरी और चौथी लाइन से ट्रेनों की समयबद्धता सुधरेगी तथा गाड़ियों के संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा। पनवेल के बाद अब कर्जत क्षेत्र भी तेजी से विकसित होने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

काम की प्रगति और ट्रेन सेवाओं में सुधार

कल्याण–बदलापुर सेक्शन में कार्य तीव्र गति से जारी है और मार्च 2026 तक पनवेल–कर्जत सेक्शन के पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा मार्च तक नई लोकल ट्रेनों की शुरुआत की संभावना है। उपनगरीय तंत्र को मजबूत करने के लिए 15 डिब्बों की क्षमता वाले प्लेटफॉर्मों का विस्तार किया जा रहा है। 34 में से 27 स्टेशनों पर कार्य दिसंबर तक पूरा होगा, जबकि शेष 7 का काम मार्च 2026 तक समाप्त होगा। सीएसटी और ठाणे जैसे प्रमुख स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म विस्तार तेजी से चल रहा है।

र्यावरण व आर्थिक लाभ

परियोजना से हर वर्ष 7.2 मिलियन टन अतिरिक्त माल परिवहन संभव होगा। इससे 41 लाख लीटर डीज़ल की बचत और 46.2 करोड़ रुपये की रसद लागत में कमी आएगी। साथ ही 2 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी होगी, जो लगभग 8 लाख पेड़ लगाने के बराबर पर्यावरणीय प्रभाव पैदा करेगी।

नई लोकल ट्रेनें और रैक

मध्य रेलवे 15 डिब्बों वाली 20 नई लोकल ट्रेनों को चलाने की तैयारी कर रहा है। वहीं MRVC अगले साल के अंत तक 232 नए रैक (MRVC will deliver 232 new racks) उपलब्ध कराएगा। यह परियोजना PM गति–शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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