बांदा : (Banda) त्वरित एवं निष्पक्ष विवेचना, प्रभावी अभियोजन और सतत पैरवी के फलस्वरूप वर्ष 2010 में उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में थाना पैलानी क्षेत्र (Pailani police station area of Banda district, Uttar Pradesh, in 2010) में हुई हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपित पति और सास को न्यायालय ने आजीवन सश्रम कारावास एवं कुल 14 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
घटना वर्ष 2010 की है। जनपद पैलानी क्षेत्र के निवासी मलखान पुत्र श्रीपाल (Malkhan, son of Shripal, a resident of the Pailani district) ने 22 मार्च 2010 को थाना पैलानी में सूचना दी थी कि उनकी पुत्री को उसके ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किया जाता था और 20 मार्च 2010 को उसकी हत्या कर दी गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया तथा विवेचना निरीक्षक दिनेश कुमार को सौंपी गई।
विवेचक द्वारा प्रकरण की गहन एवं प्रभावी विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की पैरवी लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी (Public Prosecutor Sushil Kumar Tiwar) द्वारा की गई। न्यायालय में प्रस्तुत गवाहों के बयान, साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए एडीजे प्रथम ने आरोपी पति एवं सास को दोषी करार दिया।
कोर्ट मोहर्रिर आरक्षी देवेन्द्र सिंह तथा पैरोकार आरक्षी प्रांजुल (Court Clerk Constable Devendra Singh) के अथक प्रयासों से अभियोजन पक्ष का पक्ष मजबूत हुआ, जिसके आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को सश्रम आजीवन कारावास तथा कुल 14,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
लोक अभियोजक सुशील कुमार तिवारी ने बताया कि दोषी अभियुक्त पति रामसिंह पुत्र रामखेलावन, निवासी पैलानी डेरा, थाना पैलानी, जनपद बांदा और सास सियादुलारी पत्नी रामखेलावन, निवासी पैलानी डेरा, थाना पैलानी, जनपद बांदा को जेल भेज दिया गया है।


