तेहरान/विएना : (Tehran/Vienna) ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएइए) के (International Atomic Energy Agency) उसके खिलाफ पारित किए गए एक नए प्रस्ताव काे ‘अवैध और अन्यायपूर्ण’ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
ईरानी विदेश मंत्रालय (The Iranian Foreign Ministry) ने शुक्रवार को कहा कि यह कदम अमेरिका और यूरोपीय तिकड़ी (फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन) की एजेंसी का दुरुपयोग करके ईरान पर दबाव बनाने की साजिश को उजागर करता है।
गुरूवार काे पारित आईएइए के इस प्रस्ताव में ईरान से अपने संवर्धित यूरेनियम और जून में इजराइल-अमेरिका के हमलाें से क्षतिग्रस्त परमाणु स्थलाें पर तत्काल जानकारी देने तथा निरीक्षकाें काे पूर्ण पहुंच प्रदान करने की मांग की गई है। प्रस्ताव में ईरान के अघोषित परमाणु स्थलों पर जांच न करने और सहयोग न देने पर भी चिंता जताई गई है।
इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, “आईएइए के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा पारित यह प्रस्ताव राजनीतिक रूप से प्रेरित है जाे एजेंसी के वैज्ञानिक उद्देश्यों के विपरीत है। हम इसे खारिज करते हैं और अपने परमाणु कार्यक्रम के शांतिपूर्ण अधिकारों की रक्षा करेंगे।” ईरान ने चेतावनी दी है कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ेगा।
इस बीच एजेंसी के निदेशक राफेल ग्रॉसी (Agency Director Rafael Grossi) ने इसे ‘गंभीर’ विषय बताया। हालांकि ईरान ने इसे ‘झूठे आरोपों’ पर आधारित करार दिया है। यह घटना संयुक्त व्यापक कार्य योजना (जेसीपीओए) समझौते के प्रयासों को पटरी से उतार सकती है, जो 2015 में हस्ताक्षरित था। यह 2018 में अमेरिका के इससे बाहर निकलने के बाद ठप हो गया।
उधर, यूरोपीय देशों ने कहा है कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के साथ पूर्ण सहयोग करना चाहिए, जबकि रूस और चीन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया। हालांकि संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस बाबत सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।


