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New Delhi : महुआ मोइत्रा की याचिका पर हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली उच्च न्यायालय (The Delhi High Court) ने पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकपाल की ओर से केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को (Central Bureau of Investigation) चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति देने के आदेश को चुनौती देने वाली तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल (bench headed by Justice Anil Kshetrapal) की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया।

12 नवंबर को लोकपाल की पूर्ण पीठ ने लोकपाल कानून की धारा 20(7)(ए) और धारा 23(1) के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए महुआ मोइत्रा के खिलाफ चार हफ्ते में चार्जशीट दाखिल करने का आदेश दिया था। महुआ ने अपनी याचिका में लोकपाल के इसी फैसले को चुनौती दी है। महुआ ने कहा है कि लोकपाल का आदेश नैसर्गिक न्याय कै सिद्धांत का उल्लंघन है। लोकपाल ने अपना फैसला सुनाने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया।

सीबीआई ने जुलाई में लोकपाल को इस संबंध में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इस मामले में सीबीआई ने 21 मार्च 2024 को महुआ और कारोबारी हीरानंदानी (FIR against Mahua and businessman Hiranandani) के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत एफआईआर दर्ज की थी। महुआ पर आरोप है उन्होंने हीरानंदानी से रिश्वत लेकर अडानी के बारे में सवाल पूछे थे और अपना लॉग-इन पासवर्ड भी हीरानंदानी से साझा किया था।

महुआ पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर लोकसभा सीट से सांसद हैं। उनकी 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा की सदस्यता खत्म कर दी गई थी। संसद की एथिक्स कमेटी ने महुआ को पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप को सही मानते हुए संसद की सदस्यता खत्म करने की अनुशंसा की थी। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में महुआ ने इस सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर फिर जीत दर्ज की।

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