नई दिल्ली : (New Delhi) पेरिस ओलंपिक 2024 के कांस्य पदक विजेता पहलवान अमन सेहरावत ने अपने ऊपर लगाए गए एक साल के प्रतिबंध को हटाने की अपील की है। विश्व चैंपियनशिप में वजन बनाने में विफल रहने के बाद डब्ल्यूएफआई (WFI) ने उन पर यह कार्रवाई की थी।
भारतीय ओलंपिक संघ (Indian Olympic Association) (IOA) द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में अमन ने स्वीकार किया कि उनसे गलती हुई और यह उनकी पहली चूक है। उन्होंने कहा कि वे डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह से मिलकर निर्णय पर पुनर्विचार करने की व्यक्तिगत अपील करेंगे।
अमन ने कहा, “मैं उनसे (WFI President) मिलकर अनुरोध करूंगा। यह मेरी पहली गलती है, दोबारा नहीं होगी।” डब्ल्यूएफआई ने 23 सितंबर 2025 को अमन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। 29 सितंबर को उनका जवाब “असंतोषजनक” पाए जाने के बाद अनुशासन समिति ने एक साल का प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की।
अमन ने बताया कि प्रतियोगिता से एक दिन पहले अचानक पेट दर्द के कारण वे वजन घटाने की प्रक्रिया जारी नहीं रख पाए। उन्होंने कहा, “मेरे पास केवल 600-700 ग्राम वजन घटाना बाकी था। लेकिन अचानक पेट में दर्द हो गया और मैं सीधा कमरे में चला गया। दवाइयां लेने के बाद भी तबीयत में सुधार नहीं हुआ।,”
22 वर्षीय अमन (22-year-old Aman) विश्व चैंपियनशिप में 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में भारत की पदक उम्मीद थे, लेकिन 1.7 किग्रा अधिक वजन होने के कारण प्रतियोगिता से अयोग्य घोषित कर दिए गए। इसके बाद डब्ल्यूएफआई ने 23 सितंबर से शुरू होकर एक साल के लिए उन पर प्रतिबंध लगा दिया। अमन ने कहा कि इस प्रतिबंध से उनके करियर पर बड़ा असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “आने वाले साल में एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप (World Championships) जैसे बड़े टूर्नामेंट हैं। एशियाई खेल चार साल में एक बार होते हैं। इस मौके को गंवाना मेरे लिए बहुत बड़ी हानि होगी।” उन्होंने कहा कि वे डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष से मुलाकात के साथ-साथ खेल मंत्रालय से भी मदद मांगने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम पूरी कोशिश करेंगे। खेल मंत्रालय से भी अनुरोध करेंगे।,”
गौरतलब है कि अमन सेहरावत (Aman Sehrawat) ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 57 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था और वे देश के उभरते हुए पहलवानों में से एक माने जाते हैं। उनका अगला लक्ष्य एशियन चैंपियनशिप 2026 और एशियाई खेल 2026 में पदक जीतना है।


