मुंबई : (Mumbai) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ (Prime Minister Narendra Modi’s vision of ‘Swadeshi in every home, Swadeshi in every home’) दृष्टिकोण को साकार करते हुए मुंबई स्थित खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) मुख्यालय में बुधवार को ‘खादी फेस्ट–2025’ का भव्य (Khadi Fest-2025′ was held on Wednesday at the Khadi and Village Industries Commission (KVIC) headquarters in Mumbai) शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने किया। यह आयोजन 31 अक्टूबर 2025 (Manoj Kumar) तक चलेगा।
इस अवसर पर खादी उत्पादों पर 20 प्रतिशत और ग्रामोद्योग उत्पादों पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट दी गई है। फेस्ट में देशभर से आए 86 प्रतिभागी अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं, जिनमें 38 खादी संस्थाएं, 41 पीएमईजीपी इकाइयां, 4 स्फूर्ति क्लस्टर और 3 ग्रामोद्योग इकाइयां (38 Khadi institutions, 41 PMEGP units, 4 SFURTI clusters, and 3 village industry units) शामिल हैं।

प्रदर्शनी में देश के विभिन्न राज्यों की खादी और ग्रामोद्योग शिल्पकला अपनी विशिष्ट पहचान के साथ सजी है — पश्चिम बंगाल की सिल्क व मलमल, गुजरात की पाटोला, कर्नाटक व ओडिशा की सिल्क खादी, तमिलनाडु की कांचीवरम, बिहार व महाराष्ट्र की सिल्क फैब्रिक, साथ ही राजस्थान की पॉटरी, पुणे का हनी, मुंबई के लेदर उत्पाद, बेंगलुरु व दिल्ली की अगरबत्ती और आयुर्वेदिक उत्पाद आकर्षण का केंद्र हैं।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Father of the Nation, Mahatma Gandhi) को नमन करते हुए अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि “बापू ने खादी को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन का प्रतीक बनाया, वहीं प्रधानमंत्री मोदी जी ने इसे जन-जन तक पहुंचाकर ‘स्वदेशी से समृद्धि’ (‘Swadeshi to Prosperity’) का माध्यम बना दिया।” उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खादी-ग्रामोद्योग का उत्पादन 27 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1.16 लाख करोड़ रुपये, जबकि बिक्री 33 हजार करोड़ से बढ़कर 1.70 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने आगे कहा कि “सेवा और स्वदेशी ही नये भारत की ताकत हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में खादी अब केवल वस्त्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और अस्मिता का प्रतीक बन चुकी है।” उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे स्वदेशी वस्त्र और उत्पाद अपनाकर ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ अभियान को जनांदोलन बनाएं।
कार्यक्रम में केवीआईसी की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपराशि, संयुक्त सीईओ, सीवीओ, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारीगण, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा देशभर से आए कारीगर और उद्यमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


