मुजफ्फराबाद : (Muzaffarabad) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तानी सरकार (Pakistani government) के विरोध में प्रदर्शन के दूसरे दिन मंगलवार को भी हिंसा का दाैर जारी रहा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुजफ्फराबाद, मीरपुर और कोटली (Muzaffarabad, Mirpur, and Kotli) में हुए हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। साेमवार काे सुरक्षाबलाें की गाेलीबारी में दाे प्रदर्शनकारी मारे गए जबकि एक व्यक्ति के आज मारे जाने की खबर है। अब तक के प्रदर्शनाें मेें 22 से अधिक लोग घायल हुए हैं। अवामी एक्शन कमिटी (एएसी) की अगुवाई में हाेने वाले इस आंदोलन के कारण पीओके में पूर्ण लॉकडाउन की स्थिति है और यहां इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं पूरी तरह से ठप (complete lockdown in PoK, with internet and mobile services completely disrupted) हैं।
प्रदर्शनकारी आर्थिक शोषण, महंगाई, भ्रष्टाचार और बुनियादी अधिकारों की मांगाें काे पूरा किए जाने के लिए सड़काें पर उतरे हैं। एएसी की 38-सूत्री मांगों में सस्ती बिजली, आटा, मंगल डैम और नीलम-झेलम परियोजनाओं (Mangal Dam and the Neelum-Jhelum projects) से होने वाले लाभ का स्थानीय हिस्सा आदि मांगें शामिल हैं। एक प्रदर्शनकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने दशकों से हमें लूटा है। अब हम चुप नहीं रहेंगे। एक वीडियो फुटेज में दर्जनों लोग मिलकर उन कंटेनरों को नदी में फेंक रहे थे जो सुरक्षा बलों ने सड़कों को अवरुद्ध करने के लिए रखे थे।
इस बीच पाकिस्तानी सरकार ने प्रदर्शनकारियाे से निपटने के लिए पंजाब से 2,000 सैनिक, इस्लामाबाद से 1,000 पुलिसकर्मी और अर्द्धसैनिक बलों की 167 प्लाटून तैनात की है। इसके अलावा पाक रेंजर्स ने भी आंदाेलनकारियाें के खिलाफ माेर्चा खाेल रखा है। साेशल मीडिया मंच एक्स पर वायरल एक वीडियो में मीरपुर में गाेलीबारी के बाद गिरे हुए खाली कारतूस दिखाए गए। एक अन्य पोस्ट में कहा गया, “ हिंसा में 22 लाेग मारे गए लेकिन आधिकारिक तौर पर इन्हें घायल बताया जा रहा हैं।”


