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New Delhi : भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए तैयार, खेलेगी पांच मैचों की श्रृंखला

कैनबरा के नेशनल हॉकी सेंटर में 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक होंगे मुकाबले
नई दिल्ली : (New Delhi)
भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम (Indian Junior Women’s Hockey Team) ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए पूरी तरह तैयार है। टीम 26 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक कैनबरा के नेशनल हॉकी सेंटर में पांच मैचों की रोमांचक सीरीज़ खेलेगी। मुकाबले 26, 27, 29, 30 सितंबर और 2 अक्टूबर को खेले जाएंगे।

इस दौरान भारत अपने पहले तीन मैच ऑस्ट्रेलिया जूनियर महिला टीम (Australian Junior Women’s Team) के खिलाफ खेलेगा, जिसके बाद टीम स्थानीय क्लब कैनबरा चिल (जो ऑस्ट्रेलिया की हॉकी वन लीग में खेलता है) के खिलाफ दो मैचों में उतरेगी।

यह दौरा भारतीय टीम के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह दिसंबर में सैंटियागो (चिली) में होने वाले एफआईएच जूनियर महिला हॉकी विश्व कप 2025 (FIH Junior Women’s Hockey World Cup 2025) की तैयारियों का हिस्सा है। इस दौरे को ‘आनंदना – द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन’ का समर्थन प्राप्त है, जिसकी मदद से भारतीय टीम को शीर्ष हॉकी खेलने वाले देशों में से एक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलने का अवसर मिला है।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह सीरीज़ भारतीय खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों में खुद को परखने और बहुमूल्य अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का मौका देगी। खासतौर पर कई खिलाड़ियों के लिए यह पहला विदेशी दौरा होगा, जो उनके विकास और आत्मविश्वास के लिए अहम साबित होगा।

टीम के कोच तुषार खांडेकर (Team coach Tushar Khandekar) ने दौरे को लेकर कहा,“हम इस अवसर के लिए आभारी हैं कि हमें ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलने का मौका मिल रहा है। यह सीरीज़ खिलाड़ियों को बहुमूल्य अनुभव देगी, हमें अपनी कमियों को पहचानने में मदद करेगी और विश्व कप से पहले टीम को बेहतर ढंग से तैयार करेगी। मैं ‘आनंदना – द कोका-कोला इंडिया फाउंडेशन’ का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण दौरे को समर्थन दिया है। यह पहल जूनियर और जमीनी स्तर पर हॉकी को मजबूत करने में प्रेरणादायक साबित होगी।”

उन्होंने आगे कहा,“खिलाड़ी कैंप में कड़ी मेहनत कर रहे हैं और यह सीरीज़ अब तक की तैयारियों की असली परीक्षा होगी। हमारा ध्यान मैच टेम्परामेंट सुधारने, अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की क्षमता विकसित करने और दबाव में रणनीति लागू करने पर रहेगा। मुझे विश्वास है कि यह अनुभव विश्व कप से पहले टीम का आत्मविश्वास और तैयारी दोनों बढ़ाएगा।

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