धर्मशाला : (Dharamshala) साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल के बीच पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) (PNB) धर्मशाला शाखा ने सजगता और संवेदनशीलता दिखाकर एक बड़े वित्तीय नुकसान को टाल दिया। यह मामला एक सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और वर्तमान में मंदिर पुजारी के रूप में सेवा दे रहे कुलजीत से जुड़ा है, जिन्हें ठगों ने झांसे में लेकर उनकी मेहनत की पूंजी पर हाथ साफ करने की कोशिश की।
सूत्रों के अनुसार कुलजीत को अज्ञात कॉल के माध्यम से कुछ व्यक्तियों ने संपर्क किया। वे खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों का अधिकारी बताकर उन पर धार्मिक कार्यों के नाम पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाने लगे। आरोपियों ने उन्हें “डिजिटल गिरफ्तारी” (“digital arrest”) की धमकी देते हुए कहा कि कानूनी कार्रवाई से बचने का एकमात्र उपाय तुरंत धन हस्तांतरित करना है।
डरे और भ्रमित कुलजीत सीधे पीएनबी धर्मशाला शाखा पहुंचे और लगभग 40 लाख रूपये की सावधि जमा (fixed deposit) (FD) को समय से पूर्व बंद कर राशि बचत खाते में डालने का आग्रह किया। बैंक कर्मचारियों ने उन्हें समयपूर्व निकासी पर होने वाले ब्याज नुकसान की जानकारी दी, लेकिन उनके असामान्य व्यवहार और हड़बड़ी के कारण मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ।
शाखा प्रबंधक तेजपाल सिंह (Branch Manager Tejpal Singh) ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए उपभोक्ता से धैर्यपूर्वक बातचीत की। संवेदनशील संवाद और पूछताछ के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुलजीत साइबर ठगों के दबाव में हैं। स्थिति समझते ही बैंक ने त्वरित निर्णय लेते हुए सावधि जमा को बंद करने की बजाय पुनः बुक कर दिया, जिससे पूरी राशि सुरक्षित हो गई और ठगों तक पहुंच ही नहीं पाई। साथ ही मामला साइबर फ्रॉड सेल (Cyber Fraud Cell) धर्मशाला को तुरंत रिपोर्ट किया गया। जांच में पता चला कि यह गिरोह केरल से ऑपरेट कर रहा था।


