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New Delhi : शिक्षक दिवस पर विशेष: जब बॉलीवुड ने शिक्षक के किरदार को किया सलाम

नई दिल्ली : (New Delhi) शिक्षक दिवस के अवसर पर (occasion of Teachers’ Day) जब देशभर में गुरुओं को सम्मानित किया जा रहा है, तब यह याद भी ज़रूरी है कि हिंदी सिनेमा ने भी समय-समय पर पर्देकरना पर शिक्षकों की भूमिका को जीवंत करके इस पवित्र पेशे को सलाम किया है। कभी सख़्त अनुशासक, कभी कोमल मार्गदर्शक, तो कभी प्रेरणा देने वाले दोस्त — इन फ़िल्मी किरदारों ने यह साबित किया है कि एक अच्छा शिक्षक न सिर्फ़ ज्ञान देता है, बल्कि जीवन की दिशा भी तय करता है।

आइए डालते हैं एक नज़र उन बॉलीवुड कलाकारों पर जिन्होंने अपने अभिनय से शिक्षक के किरदारों को अविस्मरणीय बना दिया:

विद्या बालन – ‘शकुंतला देवी’
गणित की दुनिया की जादूगरनी शकुंतला देवी (Shakuntala Devi), के किरदार में विद्या बालन (Vidya Balan) ने एक ऐसी शिक्षिका का रूप पेश किया, जो कठिन से कठिन सूत्रों को भी मनोरंजक बना देती है। उन्होंने न सिर्फ़ गणित सिखाया, बल्कि यह भी बताया कि सीखना एक उत्सव हो सकता है।

अमिताभ बच्चन – ‘ब्लैक’
‘ब्लैक’ में बिग बी का किरदार देबराज सहाय (Debraj Sahay) आज भी दर्शकों की स्मृति में जीवित है। एक अंधी-बधिर छात्रा की ज़िंदगी में रोशनी बनकर आए इस गुरु ने यह दिखाया कि शिक्षा की कोई सीमा नहीं होती।

शाहरुख़ ख़ान – ‘मोहब्बतें’
राज आर्यन मल्होत्रा (Raj Aryan Malhotra) के रूप में SRK ने एक ऐसे संगीत शिक्षक का किरदार निभाया, जो छात्रों को आत्म-अभिव्यक्ति और प्रेम की शक्ति सिखाता है। उन्होंने शिक्षकों को भावुक और ‘कूल’ दिखाने की एक नई मिसाल पेश की।

आमिर ख़ान – ‘तारे ज़मीन पर’
राम शंकर निकुंभ (Ram Shankar Nikumbh) आज भी हर उस छात्र के दिल में बसते हैं जो किसी ना किसी चुनौती से जूझ रहा है। आमिर ख़ान (Aamir Khan) ने यह किरदार निभाकर शिक्षक के उस रूप को दिखाया, जो बच्चों की आत्मा को छू लेता है।

रानी मुखर्जी – ‘हिचकी’
टॉरेट सिंड्रोम (Tourette syndrome) से जूझती नैना माथुर के रूप में रानी ने एक ऐसी शिक्षिका का किरदार निभाया, जिसने हार मानना नहीं सीखा। उनका किरदार असल में ‘हिचकी’ नहीं, बल्कि हौसले की मिसाल बन गया।

सुष्मिता सेन – ‘मैं हूँ ना’
ग्लैमर और गर्मजोशी का संगम बनीं प्रोफेसर चांदनी। सुष्मिता सेन (Sushmita Sen) ने अपने किरदार से यह साबित किया कि शिक्षक सिर्फ़ सख़्त नहीं, आकर्षक और संवेदनशील भी हो सकते हैं।

नुसरत भरुचा – ‘छलांग’
नीलिमा के रूप में उन्होंने दिखाया कि शिक्षक प्रेरणा का स्रोत होते हैं — सिर्फ़ बच्चों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़ों के लिए भी। उनका किरदार शिक्षण को दोस्ताना और सहज रूप में पेश करता है।

बोमन ईरानी – ‘3 इडियट्स’
प्रोफेसर ‘वायरस’ के किरदार में बोमन ईरानी (Boman Irani) ने उस पारंपरिक, अनुशासनप्रिय गुरु को पर्दे पर उतारा जिससे हम सब वाकिफ़ हैं। उनकी कड़क छवि के बावजूद वह दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ गए।

शिक्षक दिवस पर सलाम
आज जब हम अपने असली जीवन के शिक्षकों को याद कर रहे हैं, तब ये फ़िल्मी किरदार भी हमें यह याद दिलाते हैं कि शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाते — वे जीवन जीने की कला सिखाते हैं। सिनेमा ने जिस खूबसूरती से इन किरदारों को गढ़ा है, वह न सिर्फ़ मनोरंजन है, बल्कि प्रेरणा भी है।

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