नई दिल्ली : (New Delhi) सोमवार यानी 01 सितंबर (From Monday i.e. 01 September) से आम लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने वाला है। इनमें क्रेडिट कार्ड के यूजर चार्ज में (user charge of credit card) बदलाव, एटीएम से कैश विड्रॉल के नियमों में बदलाव और फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में होने वाले बदलाव शामिल हैं।
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) (State Bank of India) कल से अपने क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए नए चार्ज लागू करने वाला है। इसके तहत ऑटो डेबिट फेल होने पर 2 प्रतिशत की पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके अलावा इंटरनेशनल ट्रांजेक्शन के लिए और पेट्रोल पंप पर कार्ड यूज करने पर पहले की तुलना में ज्यादा चार्ज का भुगतान करना पड़ेगा। इसके साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग करने पर मिलने वाले रीवार्ड प्वाइंट्स की वैल्यू भी कल से घटाई(online shopping is also being reduced from tomorrow) जा रही है।
कल यानि सोमवार से ही कई बैंकों में एटीएम से कैश विड्रॉल करने के नियमों में भी बदलाव किया जा रहा है। इसके तहत तय लिमिट से अधिक बार पैसा निकालने पर ग्राहकों को पहले की तुलना में अतिरिक्त चार्ज देना पड़ेगा। इसलिए एटीएम का इस्तेमाल करते समय ग्राहकों को सोच समझ कर ट्रांजेक्शन (transact wisely) करना होगा, वरना उन पर आर्थिक भार लग सकता है।
सितंबर में ही कई बैंक फिक्स डिपॉजिट पर दिए जाने वाले अपने ब्याज दरों की भी समीक्षा करने वाले हैं। फिलहाल अलग-अलग बैंकों में फिक्स डिपॉजिट पर 6.50 प्रतिशत से लेकर 7.50 प्रतिशत ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कल से कई बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज दरों में कटौती कर सकते हैं।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (Oil marketing companies) हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर (LPG cylinder) (रसोई गैस) के दाम तय करती हैं। कल ऑयल मार्केटिंग कंपनियां गैस सिलेंडर की नई कीमत जारी करेंगी। अगर रसोई गैस की कीमत बढ़ी, तो इससे ग्राहकों की रसोई का बजट बिगड़ सकता है। वहीं अगर कीमत में कटौती की गई, तो ग्राहकों को राहत मिल सकती है।
कल से ही चांदी के गहनों पर हॉलमार्किंग का नियम (rule of hallmarking) लागू होने वाला है। ये नियम चांदी से बने गहनों और चांदी के बर्तनों पर लागू हो जाएगा। इस नियम के लागू हो जाने से चांदी की शुद्धता की गारंटी हो सकेगी और ग्राहकों को नकली चांदी या मिलावटी चांदी से राहत मिल सकेगी। हालांकि अभी ये नियम वॉलंटरी होगा। यानी ग्राहक की मर्जी पर निर्भर करेगा कि वो हॉलमार्क गहनों की खरीद करे या बिना हॉलमार्क गहनों को खरीदे।


