मुंबई : (Mumbai) मुंबई शहर व उपनगरों में मानसूनी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मुंबई महानगरपालिका प्रशासन (The Mumbai Municipal Corporation) ने कीट जनित और जल जनित बीमारियों पर नियंत्रण लाने के लिए सतर्क हो गई है। स्वास्थ्य मशीनरी को अलर्ट कर दिया गया है। घर-घर सर्वेक्षण के साथ ही कीटनाशकों का छिड़काव व फॉगिंग की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सभी मनपा क्लीनकों और अस्पतालों को जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई शहर व उपनगरों में डेंगू. मलेरिया. चिकनगुनिया और लेप्टोरिसिस (monsoon diseases like dengue, malaria, chikungunya and leptorisis) जैसी मानसूनी बीमारियों के आंकड़ों में वृद्धि देखा जा रही है। साल 2024 की तुलना में 2025 में मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले बढ़े हैं। भारी बारिश के बाद लेप्टोराइसिस बीमारी बढ़ने का भी खतरा मंडरा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की (World Health Organization)रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में दुनिया भर में चिकनगुनिया और डेंगू जैसे कीट जनित रोगों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अफ्रीका, एशिया और यूरोप के कुछ हिस्सों में इन रोगों का प्रकोप हुआ है। बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी (BMC Commissioner Bhushan Gagrani) के निर्देश पर ‘मच्छर मुक्ति’ (‘Mosquito Mukti’)अभियान चलाया जा रहा है। हर शनिवार को अस्पतालों, कार्यालयों, स्कूलों आदि में यह अभियान चलाया जा रहा है। पानी की टंकियों की सफाई, जलजमाव वाले स्थानों, कचरा निपटान, छतों में रिसाव जैसे मामलों के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। मनपा अधिकारियों के अनुसार सभी वार्डों में मनपा कर्मी घर-घर जाकर सर्वेक्षण कर रहे हैं। लेप्टो से बचाव की दवा दी जा रही है। भारी बारिश के कारण जलभराव वाले क्षेत्रों से गुज़रने वाले लोगों को तुरंत नजदीकी बीएमसी क्लिनिक या अस्पताल जाकर लेप्टो की जांच कराकर दवा लेने का सुझाव दिया गया है। गणेश मंडलों के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।


