नई दिल्ली : (New Delhi) आयकर विभाग (Income Tax Department) ने सोमवार को देशभर में उन 200 से ज़्यादा ठिकानों पर छापेमारी की है, जिन्होंने कथित तौर पर करदाताओं को राजनीतिक चंदे, ट्यूशन फीस और चिकित्सा व्यय सहित विभिन्न मदों में फर्जी कटौती का दावा करने में मदद की।
आयकर विभाग ने इस तलाशी अभियान में फर्जी कर कटौती में मदद करने के आरोपितों और संस्थाओं को निशाना बनाया है। आयकर विभाग की ये कार्रवाई तब हुई, जब उन्हें धारा 80-जीजीसी के तहत कई बिचौलियों के कई फर्जी बिल मिले हैं। आयकर अधिनियम की इस धारा में करदाताओं को राजनीतिक दलों या किसी चुनावी ट्रस्ट को दिए गए दान पर कटौती का प्रावधान है।
आयकर विभाग फर्जी चिकित्सा व्यय और ट्यूशन फीस (fake medical expenses and tuition fee) की कटौती के संबंध में तलाशी ले रहा है। ऐसी शिकायतें मिली थीं कि कई बिचौलिए नियमित रूप से फर्जी बिलों पर कटौती का दावा कर रहे थे। ये फर्जी बिल बिचौलियों को पांच से 10 फीसदी तक के कमीशन पर दिए जाते थे। ये कर चोर मुख्य रूप से राजधानी शहरों से हैं, जहां लोग नियमित रूप से ट्यूशन फीस और चिकित्सा व्यय पर तथा राजनीतिक चंदे के माध्यम से धोखाधड़ी से कटौती का दावा कर रहे हैं।


