नई दिल्ली : (New Delhi) दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) (The Delhi Development Authority (DDA)) ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रियल इस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) दिल्ली (Real Estate Regulatory Authority (RERA) Delhi), के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें रेरा ने डीडीए के हाउसिंग प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराने का आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने डीडीए की याचिका पर सुनवाई करते हुए रेरा दिल्ली और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी।
सुनवाई के दौरान डीडीए की ओर से पेश वकील रमेश सिंह और वृंदा कपूर देव ने रेरा के 2021 के आदेश का हवाला दिया। रेरा के 2021 के आदेश में डीडीए को निर्देश दिया गया है कि वो रेरा की धारा 3 के तहत अपने प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन कराए। रेरा की धारा 3 के तहत किसी भी प्रोजेक्ट के शुरु करने से पहले उसे रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। रेरा के इस आदेश पर रियल इस्टेट अपीलेट ट्रिब्यूनल ने सितंबर 2024 में मुहर लगाई थी।
डीडीए की याचिका में कहा गया है कि उस पर डीडीए मैनेजमेंट एंड डिस्पौजल ऑफ हाउसिंग इस्टेट्स रेगुलेशंस एंड नजुल रुल्स (provisions of the DDA Management and Disposal of Housing Estates Regulations andNazul Rules) के प्रावधान ही लागू होते हैं और रेरा एक्ट के प्रावधान उस पर लागू नहीं होते हैं। डीडीए ने कहा है कि वो रेरा एक्ट के तहत प्रमोटर या डेवलपर नहीं है। ऐसे में उस पर रेरा का कानून लागू नहीं होता है। डीडीए ने कहा कि डीडीए एक्ट उसे निजी प्रमोटर या डेवलपर से अलग करता है क्योंकि वो निजी प्रमोटर की तरह मुनाफे पर आधारित नहीं है।


