नई दिल्ली : (New Delhi) केंद्र सरकार (Central Government) ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स घटक विनिर्माण क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड)(Special Economic Zone) नियमों में अग्रणी सुधार को अधिसूचित किया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) ने सोमवार को एक बयान में बताया कि एसईजेड नियम, 2006 के नियम 5 में संशोधन के बाद विशेष रूप से सेमीकंडक्टर या इलेक्ट्रॉनिक घटकों के विनिर्माण को लेकर स्थापित किए जाने वाले एसईजेड के लिए न्यूनतम 10 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जो पहले 50 हेक्टेयर की आवश्यकता से कम है। इन संशोधनों को वाणिज्य विभाग ने 3 जून, 2025 को अधिसूचित किया है। इन संशोधनों से देश में उच्च तकनीक विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, सेमीकंडक्टर विनिर्माण परितंत्र का विकास होगा और देश में उच्च कौशल वाली नौकरियां पैदा होंगी।
मंत्रालय के मुताबिक एसईजेड के लिए अनुमोदन बोर्ड ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक घटकों के विनिर्माण एसईजेड की स्थापना के लिए क्रमशः माइक्रोन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड(Micron SemiconductorTechnology India Private Limited) (MSTI)(एमएसटीआई) और हुबली ड्यूरेबल गुड्स क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड (HubliDurable Goods Cluster Private Limited) (एक्वस ग्रुप) से प्राप्त प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। माइक्रोन गुजरात के साणंद में 37.64 हेक्टेयर क्षेत्र में 13,000 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से अपना विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) स्थापित करेगी, जबकि एक्वस कर्नाटक के धारवाड़ में 11.55 हेक्टेयर क्षेत्र में 100 करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश से इलेक्ट्रॉनिकी घटकों के विनिर्माण के लिए अपना एसईजेड स्थापित करेगी।
उल्लेखनीय है कि इसके अलावा एसईजेड नियम, 2006 के नियम 7 में संशोधन से एसईजेड के लिए अनुमोदन बोर्ड को एसईजेड भूमि को केंद्र या राज्य सरकार या उनकी अधिकृत एजेंसियों के पास बंधक या पट्टे पर दिए जाने के मामले में ऋण-मुक्त होने की शर्त में भी ढील दी गई है। संशोधित नियम 53 के तहत निःशुल्क आधार पर प्राप्त और आपूर्ति की गई वस्तुओं के मूल्य को शुद्ध विदेशी मुद्रा (एनएफई) गणना में शामिल किया जाएगा और लागू सीमा शुल्क मूल्यांकन नियमों का उपयोग करके उसका मूल्यांकन किया जाएगा। एसईजेड नियमों के नियम 18 में संशोधन किया गया है, ताकि सेमीकंडक्टर के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिकी घटक विनिर्माण क्षेत्र में एसईजेड इकाइयों को लागू शुल्कों के भुगतान के बाद घरेलू टैरिफ क्षेत्र में भी घरेलू आपूर्ति करने की अनुमति दी जा सके।


