नई दिल्ली : (New Delhi) चुनाव आयोग (Election Commission) ने तीन नई पहल शुरू की हैं। इसके तहत मृत्युपंजीकरण डेटा को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्राप्त कर मतदाता सूची में सुधार किया जाएगा। दूसरी बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को मानक फोटो पहचान पत्र किए जाएंगे। साथ ही मतदाता सूचना पर्चियों को अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि मतदाताओं को अधिक जानकारी और सुविधा मिल सके।
चुनाव आयोग का कहना है कि उसकी ये तीन नई पहल भारत में लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह नागरिकों की भागीदारी को बढ़ावा देने और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में सहायक होंगी। इन उपायों को मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इस वर्ष मार्च में चुनाव आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) के सम्मेलन के दौरान सुझाए थे।
पहली पहल के तहत चुनाव आयोग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से अब रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया से मौत के पंजीकरण का डेटा प्राप्त करेगा। इससे निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (Electoral Registration Officers) (ईआरओ) को पंजीकृत मौतों की समय पर जानकारी मिलेगी और मतदाता सूची को अपडेट किया जाएगा। बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को फील्ड विजिट के जरिए इस जानकारी की पुनः जांच करने में भी मदद होगी।
दूसरी पहल में मतदाता सूचना स्लिप (वीआईएस) के डिज़ाइन में सुधार किया जाएगा। नए डिज़ाइन में मतदाता का क्रमांक और भाग संख्या अधिक स्पष्टता के साथ प्रदर्शित की जाएगी, जिससे मतदाताओं के लिए अपने मतदान केंद्र की पहचान करना और मतदान अधिकारियों के लिए निर्वाचन रजिस्टर में नाम खोजना आसान होगा।
तीसरी पहल के रूप में सभी बीएलओ को मानक फोटो पहचान पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि नागरिक बीएलओ को पहचान सकें और उनके साथ आत्मविश्वास से बातचीत कर सकें। चुनाव आयोग का कहना है कि बीएलओ मतदाता सत्यापन और पंजीकरण अभियानों के दौरान पहली इंटरफेस होते हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि वे जनता के लिए आसानी से पहचाने जा सकें।


