spot_img

Varanasi : चुनार पुल से गंगा में कूदने वाली छात्राओं के घर पसरा सन्नाटा, गांव के लोग भी गमगीन

वाराणसी से चुनार साइकिल से जाकर मौत को गले लगाने वाली छात्राओं के कदम से हर कोई स्तब्ध, परिजन भी कारण बता नहीं पाए

वाराणसी : चुनार मिर्जापुर के पक्का पुल से मंगलवार दोपहर गंगा नदी में छलांग लगाने वाली दोनों छात्राओं का शव गोताखोरों ने कड़ी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया। दोनों छात्राओं का शव देखते ही उनके परिजनों में कोहराम मच गया। छात्राओं के आत्मघाती कदम से उनके घरों में सन्नाटा पसर गया। वहीं, वाराणसी राजातालाब स्थित लड़कियों के गांव में लोग गमगीन दिखे। हर कोई छात्राओं के इस कदम से स्तब्ध दिखा।

वाराणसी राजातालाब थाना क्षेत्र के बेलवा शाहंशाहपुर गांव के सतीश कुमार की 15 वर्षीय पुत्री गरिमा व सुरेश कुमार की 16 वर्षीय पुत्री जानकी दोनों शाहंशाहपुर गांव स्थित मालवीय इंटर कालेज में दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। दोनों पक्की सहेलियां साइकिल से साथ-साथ पढ़ने के लिए विद्यालय आती-जाती थी। दोनों का घर भी आसपास ही था। प्रतिदिन की भांति दोनों सुबह घर से विद्यालय जाने के लिए निकली। दोपहर 12.30 बजे छुट्टी होने के बाद घर न आकर दोनों विद्यालय से 8 किलोमीटर दूर चुनार पुल पर साइकिल से पहुंची। यहां दोनों ने साइकिल खड़ाकर कर एक दूसरे का हाथ पकड़कर पुल से गंगा में छलांग लगा दी। यह देख राहगीरों ने शोर मचाते हुए पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची चुनार पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों को लगाकर गंगा नदी में लापता दोनों छात्राओं की तलाश शुरू कराई। पुलिस ने पुल से छात्राओं की साइकिल, जूती और स्कूल बैग को अपने कब्जे में लिया। स्कूल बैग से परिचय पत्र, आधार कार्ड के जरिए चुनार पुलिस ने घटना की जानकारी उनके घरवालों को दी। उधर,लड़कियों के घर न पहुंचने से परेशान परिजनों को घटना की जानकारी मिली तो आनन-फानन में सभी चुनार पुल पर पहुंचे। गरिमा के पिता सतीश कुमार, मां देवी, भाई अखिलेश कुमार और जानकी के पिता सुरेश, मां कल्पना देवी और अन्य रिश्तेदार दोनों के स्कूल बैग को देखकर जड़ हो गए। पूछताछ में गरिमा के भाई अखिलेश ने बताया कि दोनों ने आत्मघाती कदम क्यों उठाया, समझ में नहीं आ रहा है। पड़ोसी भी चुप रहे। कोई कुछ बोल नहीं रहा था। चुनार पुलिस ने दोनों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

Explore our articles