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Shimla : मकर सक्रांति पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

शिमला : राजधानी शिमला में मकर संक्रांति का पावन अवसर बडे़ हर्षोउलास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने तीर्थस्थलों में स्नान किया। शिमला से सटे तत्तापानी तीर्थ स्थल के गर्म जल स्रोतों में श्रद्धालुओं ने दिन भर आस्था की डुबकी लगाई गई। लोगों का विश्वास है कि मकर संक्रांति के अवसर पर पवित्र स्थानों में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है। इस अवसर पर लोगों ने तुलादान भी करवाया। तत्तापानी में मकर सक्रांति पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। यह तीर्थस्थल शिमला से करीब 50 किलोमीटर दूर स्थित है।

मकर सक्रांति के मौके पर शहर में जगह-जगह लोगों को खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया गया। मान्यता है कि मकर संक्रांति के पर्व पर खिचड़ी खिलाने का विशेष महत्त्व है। लोग इस दिन अपने घरों में खिचड़ी बनाते हैं। हिमाचल प्रदेश अपनी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता को अपने में समेटे हुए है।

शिमला शहर में मकर संक्रांति पर्व के उपलक्ष्य पर मंदिरों में पूजा अर्चना के बाद खिचड़ी का भोग भगवान को लगा कर लोगों में प्रसाद प्रेम पूर्वक बांटा गया। शिमला में विभिन्न संस्थाओं और सभाओं द्वारा खिचड़ी का प्रसाद बांटा गया। इस दौरान लोगों ने काफी संख्या में खिचड़ी खाकर एक दूसरे को इस पर्व की बधाई दी।

वहीं मंडी जिला के प्रसिद्ध धार्मिक पर्यटन स्थल तत्तापानी में मनाया जाने वाला दो दिवसीय जिला स्तरीय लोहड़ी मकर संक्रांति मेला सम्पन्न हो गया। समापन समारोह के मुख्यातिथि लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य रहे। उनके साथ मंडी संसदीय क्षेत्र की सांसद प्रतिभा सिंह भी इस मैके पर उपस्थित रही।

समापन समारोह के इस मैके पर लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है इसके लिए हम सब को आपसी सहयोग से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान करोड़ों रुपए का नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। लगभग 1600 सड़के बंद हुई थी जिन्हें रिकॉर्ड समय में खोलकर किसान, बागवानों व आम जनता को राहत पहुंचाई गई है।उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रदेश भर में 12 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है लेकिन केंद्र से कोई बड़ा पैकेज आपदा के समय में नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि वैसे तो प्रधानमंत्री हिमाचल को अपना दूसरा घर मानते हैं लेकिन आपदा के समय केंद्र से जो सहयोग मिलना चाहिए था वो नही मिल पाया।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू व प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से 4500 करोड़ रूपए का आपदा राहत पैकेज घोषित कर प्रभावितों को राहत देने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए है। आने वाले समय में लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग सहित अन्य विभागों में हजारों पद भरने की प्रक्रिया राज्य सरकार ने शुरू की है जिसका सीधा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिलेगा।

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